
पूर्वी चंपारण. पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में शनिवार को विश्व के सबसे बड़े सहस्र शिवलिंग की स्थापना को लेकर भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर पीठ पूजा का उत्साह चरम पर रहा और बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर परिसर में उमड़ पड़े। हर-हर महादेव के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विराट रामायण मंदिर पहुंचकर सहस्र शिवलिंग स्थापना की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद वे मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी भी उनके साथ मौजूद रहे।
पीठ पूजा से लेकर स्थापना तक का क्रम
सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक पीठ पूजा संपन्न हुई। इसके बाद हवन और शिवलिंग स्थापना की विधि प्रारंभ की गई। तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित 33 फीट ऊंचे और 33 फीट मोटे सहस्र शिवलिंग को दो क्रेनों की मदद से सीधा कर आधारपीठ पर स्थापित किया गया। बनारस और पटना से आए आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ स्थापना अनुष्ठान संपन्न कराया।
यजमान और धार्मिक नेतृत्व
इस पावन आयोजन में आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल और उनकी पत्नी, समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी मुख्य यजमान रहे। सायन कुणाल महावीर मंदिर न्यास के सचिव भी हैं।
भारी भीड़, कड़े सुरक्षा इंतजाम
सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर देखी गई। वाहनों पर रोक के चलते बड़ी संख्या में लोग पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। महिलाएं शिव के मंगलगीत गाती रहीं और भक्त लगातार शिव मंत्रों का जाप करते नजर आए।
मंदिर निर्माण का इतिहास
गौरतलब है कि 20 जून 2023 को विराट रामायण मंदिर के निर्माण का शिलापूजन तत्कालीन धार्मिक न्यास परिषद पटना के अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व में किया गया था।
करीब डेढ़ वर्ष तक प्रतिदिन 250 मजदूरों ने कार्य कर जमीन के भीतर 100 फीट तक 3102 स्तंभ खड़े किए। नींव पूरी होने के बाद आधारपीठ का निर्माण किया गया, जिस पर आज सहस्र शिवलिंग की स्थापना की गई।
सम्राट चौधरी का संदेश
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर पोस्ट कर श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने लिखा— “पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना समारोह के पावन अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। यह दिव्य आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन गौरव को और अधिक सशक्त करेगा।”




