पोस्ट ऑफिस घोटाले में नया खुलासा: 245 शिकायतें, सिर्फ 32 लाख का सेटलमेंट; आरोपी पोस्टमास्टर 4 महीने बाद भी फरार
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ जटकन्हार पोस्ट ऑफिस घोटाले में 245 शिकायतों के बावजूद केवल 32 लाख रुपये के सेटलमेंट को मंजूरी मिली है। मुख्य आरोपी पोस्टमास्टर आशीष मांडवी अब भी फरार है।
रायपुर. छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित जटकन्हार पोस्ट ऑफिस में सामने आए करोड़ों की जमा पूंजी से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले का मामला अब भी पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है। फरवरी 2026 में उजागर हुए इस मामले में सैकड़ों खाताधारकों की बचत प्रभावित हुई थी। हैरानी की बात यह है कि अब तक दर्ज 245 शिकायतों में से केवल 32 लाख रुपये के सेटलमेंट को मंजूरी मिली है, जबकि बड़ी संख्या में मामले अब भी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया में लंबित हैं।
विरोध प्रदर्शन के बाद लगा विशेष शिकायत शिविर
जटकन्हार पोस्ट ऑफिस में पदस्थ तत्कालीन पोस्टमास्टर आशीष मांडवी पर खाताधारकों की जमा राशि में अनियमितता और लाखों रुपये के गबन का आरोप है। मामला सामने आने के बाद प्रभावित लोगों ने डोंगरगढ़ उप डाकघर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया था। बढ़ते दबाव के बाद डाक विभाग ने विशेष शिकायत शिविर आयोजित कर लोगों से आवेदन लिए थे।
245 शिकायतें मिलीं, 32 लाख रुपये के सेटलमेंट को मंजूरी
डाक विभाग के विशेष शिविर में कुल 245 शिकायतें दर्ज हुई थीं। जांच के बाद विभाग ने 32 लाख रुपये के सेटलमेंट को स्वीकृति दी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक स्वीकृत राशि में से लगभग 25 लाख रुपये प्रभावित खाताधारकों को वापस किए जा चुके हैं, जबकि करीब 7 लाख रुपये की राशि अभी विभागीय प्रक्रियाओं के चलते लंबित है।
बड़ी संख्या में शिकायतें अब भी अटकीं
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि 245 शिकायतों में से अब तक लगभग 100 मामलों का ही समाधान हो पाया है। कई शिकायतें दस्तावेजों के सत्यापन, रिकॉर्ड की कमी और जांच प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण लंबित पड़ी हैं। इससे प्रभावित खाताधारकों में नाराजगी और असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
आरोपी पोस्टमास्टर की तलाश जारी
मामले का मुख्य आरोपी आशीष मांडवी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और तकनीकी माध्यमों से उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्ट दर्ज करने में देरी से मिला फरार होने का मौका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती स्तर पर शिकायत और एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी के कारण आरोपी को फरार होने का मौका मिल गया। हालांकि अब मामले की जांच तेज कर दी गई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल: 245 शिकायतों पर सिर्फ 32 लाख का सेटलमेंट क्यों?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि 245 शिकायतों के मुकाबले केवल 32 लाख रुपये के सेटलमेंट को पर्याप्त कैसे माना जा सकता है। प्रभावित खाताधारकों का कहना है कि जब तक सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा।




