ट्रंप का बड़ा दावा: अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा ताकत, तेल-गैस उत्पादन में होगा बड़ा इजाफा
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा संसाधन हैं। उन्होंने तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने, कीमतों में गिरावट और वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर बड़ा बयान दिया।
वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका के पास दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि तेल, गैस, कोयला और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के मामले में कोई भी देश अमेरिका की बराबरी नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी कहा कि वेनेजुएला के साथ बेहतर संबंधों और बढ़ते उत्पादन के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अमेरिका की स्थिति और मजबूत होगी।
‘दुनिया में सबसे ज्यादा ऊर्जा संसाधन अमेरिका के पास’
एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास तेल, प्राकृतिक गैस और कोयले का विशाल भंडार है। उनका दावा है कि वेनेजुएला के साथ सहयोग बढ़ने के बाद ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका की ताकत और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बड़े तेल उत्पादक पहले से ही उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
तेल उत्पादन बढ़ाने पर जोर
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियों के पास उत्पादन बढ़ाने के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में लाखों बैरल अतिरिक्त तेल का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
तेल की कीमतों को लेकर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ विशेषज्ञों को आशंका थी कि कच्चे तेल की कीमतें 300 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, लेकिन मौजूदा समय में कीमतें इससे काफी नीचे बनी हुई हैं। उनका मानना है कि उत्पादन बढ़ने और आपूर्ति सुचारू रहने से तेल बाजार में स्थिरता बनी रहेगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और वैश्विक आपूर्ति पर नजर
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी और सुरक्षा प्रयासों की वजह से तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा के कारण ऊर्जा बाजार में बड़ा संकट टल गया है।
ईरान को लेकर भी दिया बयान
ट्रंप ने ईरान को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं कर पाएगा और अमेरिका इस दिशा में लगातार नजर बनाए हुए है। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय तनाव और मिसाइल-ड्रोन हमलों का भी उल्लेख किया।
‘पूरी दुनिया को मिलेगा फायदा’
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की ऊर्जा नीति केवल देश के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लाभ वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में तेल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है, जिससे उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को राहत मिलेगी।
ऊर्जा स्वतंत्रता पर अमेरिका का फोकस
ट्रंप ने दोहराया कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और उत्पादन क्षमता बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका मानना है कि मजबूत ऊर्जा ढांचा अमेरिका की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को और अधिक मजबूत बनाएगा।




