धीमी रफ्तार पर गिरी गाज! डिप्टी CM अरुण साव के निर्देश पर ठेकेदार को नोटिस जारी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर बस्तर के केशलूर में निर्माणाधीन 69.36 करोड़ रुपये के रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों में देरी को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर बस्तर जिले में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज परियोजना के ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण के दौरान कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को फटकार लगाई थी।
निरीक्षण के दौरान सामने आई निर्माण कार्यों की सुस्ती
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 6 जून को बस्तर प्रवास के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में निर्माणाधीन फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। यह ओवरब्रिज किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बनाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परियोजना की प्रगति तय समयसीमा के मुकाबले काफी पीछे चल रही है, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
69.36 करोड़ की लागत से बन रहा है रेलवे ओवरब्रिज
बस्तर जिले के केशलूर क्षेत्र में इस फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करीब 69 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को सुगम बनाना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।
विभाग ने ठेकेदार को थमाया नोटिस
लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता द्वारा निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को जारी नोटिस में कहा गया है कि साइट उपलब्ध होने के बावजूद पर्याप्त मैनपावर, मशीनरी और निर्माण सामग्री की व्यवस्था नहीं की गई।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि कार्य की प्रगति स्वीकृत निर्माण कार्यक्रम और निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण परियोजना समय से पीछे चल रही है।
बार-बार निर्देश के बावजूद नहीं सुधरी स्थिति
विभाग के अनुसार परियोजना की नियमित समीक्षा की जाती रही है और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए कई बार निर्देश भी दिए गए। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि पहले भी कई बार नोटिस जारी कर काम की गति बढ़ाने को कहा गया था, लेकिन प्रगति असंतोषजनक बनी रही।
उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में ठेकेदार को तत्काल अतिरिक्त मैनपावर, मशीनरी और अन्य आवश्यक संसाधन जुटाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि जल्द ही परियोजना की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ तो अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने समय पर परियोजना पूरी करने पर दिया जोर
राज्य सरकार का कहना है कि अधोसंरचना परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेलवे ओवरब्रिज जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों, इसके लिए लगातार निगरानी और समीक्षा की जा रही है।




