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पुलिस कार्रवाई से राजनीति तक: गहलोत–जूली बनाम भजनलाल सरकार, घमासान तेज

जोधपुर में गुजरात पुलिस की ड्रग्स लैब कार्रवाई के बाद राजस्थान पुलिस के सूचना तंत्र पर सवाल। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान पर अशोक गहलोत और टीकाराम जूली का सरकार पर तीखा हमला।

जयपुर. राजस्थान में कानून-व्यवस्था और पुलिस के सूचना तंत्र को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। गुजरात पुलिस द्वारा जोधपुर में एमडी ड्रग्स लैब पर की गई कार्रवाई के बाद यह सामने आया कि स्थानीय Rajasthan Police को इस ऑपरेशन की पूर्व जानकारी तक नहीं थी। मामला तब और गरमा गया, जब खुद मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने पुलिस अधिकारियों से संवाद के दौरान इस पर सवाल उठाए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot और नेता प्रतिपक्ष Tikaram Jully ने सरकार पर तीखा हमला बोला।

अशोक गहलोत का हमला: सूचना तंत्र पूरी तरह ध्वस्त

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि दूसरे राज्यों की पुलिस बिना सूचना के राजस्थान में कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इसे राजस्थान पुलिस के सूचना तंत्र के पूरी तरह ध्वस्त होने का प्रमाण बताया।

गहलोत ने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र—दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है और राजस्थान में भी भाजपा सत्ता में है, इसके बावजूद राज्यों के बीच समन्वय का अभाव सरकार की गंभीर प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है।

जनता किस पर भरोसा करे?

पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री ही राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं जता पा रहे, तो आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, ऐसे में यह स्थिति जवाबदेही से बचने का प्रयास प्रतीत होती है। गहलोत के अनुसार, पुलिस का मनोबल गिराकर सरकार अपनी नाकामी नहीं छिपा सकती।

टीकाराम जूली का कटाक्ष: बदहाल कानून-व्यवस्था की स्वीकारोक्ति

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दिया गया बयान प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था की खुली स्वीकारोक्ति है।

जूली ने कटाक्ष करते हुए कहा, “क्या मुख्यमंत्री की नींद आज टूटी है?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को खुद नहीं पता कि पुलिस महकमे में क्या चल रहा है। जूली ने चूरू में महिला कांस्टेबल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।

समन्वय और प्रशासनिक पकड़ पर बहस

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में पुलिस समन्वय, कानून-व्यवस्था और सरकार की प्रशासनिक पकड़ को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। विपक्ष का कहना है कि अंतरराज्यीय कार्रवाई से पहले समुचित सूचना और तालमेल का अभाव सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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