
नई दिल्ली. दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) पर यात्रा करने वाले लोगों को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस रेस्ट एरिया की सौगात मिलने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास अत्याधुनिक रेस्ट एरिया विकसित करने की योजना बनाई है। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले इस रेस्ट एरिया में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
34 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बनेगा रेस्ट एरिया
एनएचएआई ने मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास कुल 34,349 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की है। रेस्ट एरिया एक्सप्रेसवे के दोनों ओर विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के दाईं ओर लगभग 17,138 वर्ग मीटर और बाईं ओर 17,211 वर्ग मीटर क्षेत्र में सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे दोनों दिशाओं में यात्रा करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
यात्रियों को मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित रेस्ट एरिया में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। इनमें फूड कोर्ट, ढाबा, कार, बस और ट्रक पार्किंग, बच्चों के लिए प्ले जोन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, रेस्टरूम और सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आराम और जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी।
मेट्रो यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी होगा लाभ
यह रेस्ट एरिया मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के निकट विकसित किया जा रहा है। ऐसे में केवल एक्सप्रेसवे उपयोगकर्ताओं ही नहीं, बल्कि स्थानीय निवासियों और मेट्रो यात्रियों को भी इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती है।
UER-2 पर लगातार बढ़ रहा ट्रैफिक
एनएचएआई के अनुसार UER-2 पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 25,868 वाहनों का आवागमन दर्ज किया जा रहा है, जिनमें सबसे अधिक संख्या कारों की है।
आंकड़ों के मुताबिक दोनों कैरिज-वे को मिलाकर प्रतिदिन 25 हजार से अधिक कारें, 119 बसें और 376 ट्रक इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। भविष्य में यातायात और बढ़ने की संभावना को देखते हुए रेस्ट एरिया की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिल्ली के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती
करीब 75.7 किलोमीटर लंबे UER-2 को दिल्ली के प्रमुख परिवहन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। आधुनिक रेस्ट एरिया बनने से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और यात्रा अनुभव में भी सुधार होगा।
एनएचएआई की यह पहल राजधानी में विकसित हो रहे आधुनिक सड़क नेटवर्क को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



