अंडे में दिखे खून का धब्बा तो घबराएं नहीं! जानिए क्या है इसका वैज्ञानिक कारण
अंडे में दिखाई देने वाले खून के धब्बे का क्या मतलब होता है? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण, ब्लड स्पॉट क्यों बनता है और क्या ऐसे अंडे खाना सुरक्षित होता है।

अंडे को प्रोटीन, विटामिन और जरूरी पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी डाइट में रोजाना अंडे शामिल करते हैं। हालांकि कई बार अंडा फोड़ने पर उसके पीले हिस्से (योक) या सफेद भाग (एल्ब्यूमेन) में लाल रंग का छोटा धब्बा या खून की बूंद दिखाई देती है। इसे देखकर अधिकांश लोग घबरा जाते हैं और अंडा फेंक देते हैं। कई लोगों को लगता है कि अंडा खराब हो गया है या उसमें चूजा बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है? आइए जानते हैं इसकी वैज्ञानिक वजह।
अंडे में खून का धब्बा क्यों बनता है?
विशेषज्ञों के अनुसार अंडे में दिखाई देने वाला ब्लड स्पॉट एक सामान्य जैविक प्रक्रिया का हिस्सा है। जब मुर्गी के शरीर में अंडा विकसित होता है, तब योक (अंडे का पीला भाग) अंडाशय यानी ओवरी से बाहर निकलता है। इस दौरान ओवरी में मौजूद किसी छोटी रक्त वाहिका (ब्लड वेसल) के फट जाने पर खून की बेहद छोटी बूंद योक पर लग सकती है।
यदि रक्त वाहिका ओवरी में फटती है तो लाल धब्बा योक पर दिखाई देता है। वहीं अगर अंडा आगे बढ़ने के बाद ओविडक्ट (अंडवाहिनी) में हल्की ब्लीडिंग होती है तो यह धब्बा अंडे के सफेद भाग में नजर आ सकता है।
किन कारणों से बढ़ सकती है इसकी संभावना?
विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लड स्पॉट बनने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें मुर्गी की उम्र, आनुवंशिक गुण (जेनेटिक्स), विटामिन-A की कमी और अचानक बढ़ा तनाव शामिल हैं। हालांकि यह स्थिति बहुत सामान्य मानी जाती है और इसका अंडे की गुणवत्ता पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ता।
क्या ब्लड स्पॉट वाला अंडा खाना सुरक्षित है?
यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में आता है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ब्लड स्पॉट वाले अंडे पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। ऐसे अंडों को खाने से किसी प्रकार की बीमारी होने का खतरा नहीं माना जाता। हालांकि अंडे की ग्रेडिंग के दौरान ऐसे अंडों को अलग श्रेणी में रखा जा सकता है, लेकिन इन्हें असुरक्षित नहीं माना जाता।
अगर धब्बा दिखे तो क्या करें?
यदि आपको अंडे में दिखाई देने वाला लाल धब्बा पसंद नहीं है, तो उसे चम्मच या चाकू की मदद से निकाल सकते हैं। इसके बाद बाकी अंडे को अच्छी तरह पकाकर सामान्य रूप से खाया जा सकता है। ध्यान रखें कि अंडा हमेशा पूरी तरह कुक किया हुआ हो, ताकि खाद्य सुरक्षा बनी रहे।
निष्कर्ष: अंडे में दिखाई देने वाला खून का छोटा धब्बा किसी खराबी या फर्टिलाइजेशन का संकेत नहीं होता। यह मुर्गी के शरीर में अंडा बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान होने वाली मामूली घटना है। इसलिए अगली बार अंडे में ब्लड स्पॉट दिखे तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वैज्ञानिक रूप से इसे सामान्य और सुरक्षित माना जाता है।




