बैंक की लाइन से छुटकारा! मोबाइल से चेहरा स्कैन कर पेंशनर्स कर सकेंगे जीवन प्रमाण पत्र जमा
पेंशनर्स अब फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। सरकार ने SSO ID आधारित ऑनलाइन वेरिफिकेशन और दिव्यांग बच्चों की पारिवारिक पेंशन के नियमों में भी बदलाव किया है।
जयपुर. पेंशनर्स को हर साल जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा कराने के लिए बैंकों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक की मदद से यह प्रक्रिया बेहद आसान होने जा रही है। सरकार ने फेस ऑथेंटिकेशन आधारित सत्यापन प्रणाली को मंजूरी दे दी है, जिससे पेंशनर्स घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। नई व्यवस्था विशेष रूप से बुजुर्ग और अस्वस्थ पेंशनर्स के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें अब लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मोबाइल या कंप्यूटर से होगा सत्यापन
नई प्रणाली के तहत पेंशनर्स अपने मोबाइल फोन, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से अपना चेहरा स्कैन कर जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए पहचान सत्यापित होने के बाद प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी हो जाएगी। इससे समय की बचत होगी और पेंशन जारी रखने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।
SSO ID से वेरिफिकेशन हुआ आसान
सरकार ने जीवन प्रमाण पत्र के सत्यापन की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। अब चतुर्थ श्रेणी से ऊपर के सरकारी कर्मचारी अपनी SSO ID का उपयोग कर किसी भी पेंशनर के जीवन प्रमाण पत्र का ऑनलाइन सत्यापन कर सकेंगे।
ई-साइन (e-Sign) सुविधा के माध्यम से दस्तावेजों का वेरिफिकेशन तुरंत किया जा सकेगा, जिससे कागजी प्रक्रिया और कार्यालयी देरी में कमी आएगी।
दिव्यांग बच्चों की पारिवारिक पेंशन के नियमों में बदलाव
सरकार ने दिव्यांग बच्चों को मिलने वाली आजीवन पारिवारिक पेंशन से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार:
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी या विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से जारी होना चाहिए।
- स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में प्रमाण पत्र केवल एक बार जमा करना होगा।
- अस्थायी दिव्यांगता के मामलों में हर तीन वर्ष में नया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
- निर्धारित अवधि में प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन संबंधी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
बुजुर्गों को मिलेगी बड़ी राहत
नई व्यवस्था का उद्देश्य पेंशनर्स को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना और उनकी परेशानियां कम करना है। घर बैठे फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा से बुजुर्गों को यात्रा, कतार और दस्तावेजी झंझट से राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली लागू होने से पेंशन वितरण प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी, साथ ही फर्जी दावों पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।




