शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप: रायपुर में नायब तहसीलदार के खिलाफ FIR, पुलिस तलाश में जुटी
रायपुर में सूरजपुर के एक नायब तहसीलदार पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। गंज थाना पुलिस ने BNS की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर. राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में एक युवती की शिकायत पर सूरजपुर जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार Divakar Bhaskar के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मामला सोशल मीडिया के जरिए हुई पहचान और कथित शादी के वादे से जुड़ा है। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान
शिकायत के अनुसार युवती और आरोपी अधिकारी की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। युवती का आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाया और इसी विश्वास के आधार पर उसे रायपुर के एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।
पीड़िता का कहना है कि बाद में जब उसने विवाह की बात दोबारा उठाई तो आरोपी टालमटोल करने लगा, जिसके बाद उसे धोखे की आशंका हुई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
एफआईआर के बाद आरोपी की तलाश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी अधिकारी वर्तमान में Latori क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद से वह पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उन्होंने 6 जून से मेडिकल अवकाश ले रखा है और तब से कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुए हैं। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की होगी जांच
जांच के दौरान पुलिस होटल रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट, डिजिटल संचार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर पीड़िता के बयान और उपलब्ध प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर दर्ज की गई है। मामले में सभी डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
संरक्षण के आरोपों पर पुलिस का जवाब
मामले के सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों ने आरोपी अधिकारी को संरक्षण मिलने की आशंका जताई है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य सरकार के समक्ष भी शिकायत की गई है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
जांच जारी, आरोप सिद्ध होना बाकी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी है। आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। जब तक अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक आरोपी को कानूनन दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।




