BRICS Agriculture Summit 2026: इंदौर में गूंजा किसानों का मुद्दा, शिवराज बोले- छोटे किसानों को सशक्त बनाना जरूरी
इंदौर में आयोजित BRICS Agriculture Summit में 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। शिवराज सिंह चौहान ने छोटे किसानों के सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूल कृषि पर जोर दिया।

इंदौर. इंदौर में आयोजित पांच दिवसीय BRICS कृषि सम्मेलन के चौथे दिन वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों के सशक्तिकरण पर गहन चर्चा हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और बाजार की अनिश्चितताओं के दौर में छोटे और सीमांत किसानों को मजबूत बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने BRICS देशों से कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और साझा चुनौतियों के समाधान के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर शिवराज का जोर
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि दुनिया भर में छोटे और सीमांत किसान जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव और बाजार की अनिश्चितताओं से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे में BRICS देशों को मिलकर किसानों के हित में ठोस रणनीति तैयार करनी चाहिए।
कृषि क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां गिनाईं
सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। खाद्यान्न उत्पादन 376 मिलियन टन, गेहूं उत्पादन 118 मिलियन टन और बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक पहुंच चुका है। वहीं मत्स्य उत्पादन भी 19 मिलियन टन के आंकड़े को पार कर गया है।
87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में लगभग 87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।
प्राकृतिक खेती और मिट्टी संरक्षण पर विशेष फोकस
शिवराज ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने “खेत बचाओ अभियान” का जिक्र करते हुए बताया कि इसके माध्यम से किसानों तक नई तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाई जा रही है।
कृषि में महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भूमिका
सम्मेलन में कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं के योगदान पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि आधारित उद्यमों में नेतृत्व कर रही हैं। वहीं “ड्रोन दीदी” जैसी पहलें ग्रामीण भारत में तकनीकी बदलाव का नया उदाहरण बन रही हैं।
13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की अहम बैठक
BRICS सम्मेलन के तहत 13 जून को सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, जलवायु परिवर्तन, नवाचार और कृषि सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। बैठक के अंत में साझा सुझावों और सहमति पर आधारित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जारी किया जाएगा।
चार प्रमुख विषयों पर हो रहा मंथन
सम्मेलन में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर चर्चा केंद्रित है:
- खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका
- कृषि व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
- जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि
- कृषि और खाद्य प्रणालियों में नवाचार व साझेदारी
‘ब्रिक्स वाटिका’ देगी पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष ‘ब्रिक्स वाटिका’ विकसित की जाएगी। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि सामूहिक पौधारोपण करेंगे, जो सतत विकास और प्रकृति संरक्षण के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा।
मध्य प्रदेश को मिलेगा वैश्विक पहचान का अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन मध्य प्रदेश को वैश्विक कृषि, निवेश और कृषि नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इससे प्रदेश की कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।




