डीजल खरीदने वालों के लिए नया नियम: अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर ही मिलेगा ईंधन
मोदी सरकार ने डीजल बिक्री पर नई सीमा तय की है। अब किसी भी ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं मिलेगा। जानें सरकार के फैसले की वजह और नए नियम।

नई दिल्ली. मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन की संभावित जमाखोरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने डीजल बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के तहत अब देश के किसी भी खुदरा पेट्रोल पंप से एक ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम आम उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अब एक व्यक्ति को कितना डीजल मिलेगा?
केंद्र सरकार के नए आदेश के अनुसार, किसी भी ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर हाई स्पीड डीजल (HSD) ही बेचा जा सकेगा। इसके साथ ही खुदरा पंपों से खरीदे गए डीजल को दोबारा बेचने की अनुमति नहीं होगी।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
सरकार का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदकर भंडारण करने और कालाबाजारी की आशंकाएं बढ़ रही थीं। साथ ही औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ता खुदरा पंपों से सस्ता डीजल खरीद रहे थे, जिससे कई जगहों पर आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा था। इस स्थिति को नियंत्रित करने और स्थानीय स्तर पर ईंधन की कमी रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।
व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए क्या नियम?
सरकार ने औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को खुदरा पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल खरीदने से रोक दिया है। ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी ईंधन जरूरतें अधिकृत बल्क सप्लाई चैनलों, डिपो या उपभोक्ता पंपों के माध्यम से पूरी करनी होंगी।
कितने दिन तक लागू रहेगा आदेश?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी यह व्यवस्था फिलहाल 90 दिनों तक लागू रहेगी। परिस्थितियों के अनुसार सरकार बाद में इसकी समीक्षा कर सकती है और आवश्यकता पड़ने पर आदेश वापस भी लिया जा सकता है।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सरकार का मानना है कि इस कदम से:
- डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
- आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी।
- परिवहन, कृषि और आवश्यक सेवाओं को नियमित आपूर्ति मिलेगी।
- खुदरा ईंधन नेटवर्क पर अनावश्यक दबाव कम होगा।
फैसले की 7 बड़ी बातें
- एक ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल मिलेगा।
- खुदरा पंप से खरीदा गया डीजल दोबारा नहीं बेचा जा सकेगा।
- व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर नई पाबंदी लागू।
- ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकना सरकार का लक्ष्य।
- आदेश फिलहाल 90 दिनों के लिए लागू रहेगा।
- तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों को सख्ती से पालन करने के निर्देश।
- आम नागरिकों और आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर।




