Parama Ekadashi 2026: अधिकमास की दुर्लभ परमा एकादशी कल, भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां
Parama Ekadashi 2026: अधिकमास की दुर्लभ परमा एकादशी 11 जून को है। जानिए इस दिन क्या नहीं करना चाहिए, व्रत के नियम, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन अधिकमास (मलमास) के कृष्ण पक्ष में आने वाली परमा एकादशी सबसे दुर्लभ और पुण्यदायी एकादशियों में से एक मानी जाती है। यह व्रत हर वर्ष नहीं, बल्कि लगभग तीन साल में एक बार आता है। मान्यता है कि परमा एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करने से कई जन्मों के पापों का क्षय होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस वर्ष परमा एकादशी का व्रत 11 जून को रखा जाएगा।
क्यों खास है परमा एकादशी?
परमा एकादशी अधिकमास में पड़ने वाली विशेष एकादशी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, जप-तप और दान-पुण्य करने से आर्थिक संकट, दरिद्रता और जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
परमा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम
- तुलसी के पत्ते न तोड़ें: एकादशी के दिन तुलसी दल तोड़ना शुभ नहीं माना जाता। पूजा के लिए आवश्यक तुलसी पत्र एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
- किसी जीव को नुकसान न पहुंचाएं: झाड़ू लगाते समय या सफाई करते समय विशेष सावधानी रखें। चींटी, कीट-पतंग या किसी छोटे जीव को हानि पहुंचाना इस दिन वर्जित माना गया है।
- दशमी तिथि से ही रखें संयम: व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को दशमी तिथि से ही सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन करें और तामसिक भोजन, मांसाहार तथा नशे से दूर रहें।
- सामान्य नमक का सेवन न करें: एकादशी व्रत में सामान्य नमक खाने से बचना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर केवल सेंधा नमक का सीमित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है।
- इन खाद्य पदार्थों का त्याग करें: शास्त्रों के अनुसार इस दिन निम्न चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। चावल, मसूर की दाल, मूली, बैंगन। विशेष रूप से चावल का सेवन एकादशी व्रत में निषिद्ध माना गया है।
- निंदा और नकारात्मक विचारों से बचें: किसी की बुराई करना, झूठ बोलना या मन में ईर्ष्या-द्वेष रखना व्रत के पुण्य फल को कम कर सकता है।
- दिन में सोने से बचें: व्रत के दौरान दिन में अधिक सोना उचित नहीं माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु के भजन, कीर्तन और ध्यान में समय बिताने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।
परमा एकादशी के दिन क्या करें?
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें।
- विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करें।
- शांत और सकारात्मक मन से व्रत का पालन करें।
- ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को उपयोगी वस्तुओं का दान करें।
परमा एकादशी की धार्मिक मान्यता
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार परमा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि यह व्रत आर्थिक परेशानियों को दूर करने, पापों के क्षय और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम माना गया है।




