उत्तर प्रदेश का बड़ा इंडस्ट्रियल प्लान! 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ेंगे निवेश, रोजगार और एक्सपोर्ट
उत्तर प्रदेश में प्लग एंड प्ले नीति के तहत 10 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे निवेश, रोजगार, कारोबार और निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्लग एंड प्ले नीति के तहत 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इस पहल का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, कारोबार को आसान बनाना और निर्यात क्षमता को बढ़ाना है। इसके साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में भी कई बड़े विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
केंद्र सरकार की योजना में यूपी की बड़ी हिस्सेदारी
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के संयुक्त सचिव डॉ. जय प्रकाश शिवहरे ने बताया कि केंद्र सरकार देशभर में 100 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजना पर काम कर रही है।
इस योजना के तहत पहले और दूसरे चरण में 25-25 औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश ने भी 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए अपना प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है।
कारोबार में सुगमता पर सरकार का फोकस
केंद्र सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक 3.0 लाने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जन विश्वास 2.0 के तहत 717 प्रकार के औद्योगिक अपराधों में सीधे जेल भेजने के प्रावधान को समाप्त किया जा चुका है, जिससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है।
एयरपोर्ट के आसपास तेजी से होगा विकास
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सीईओ आर.के. सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित सेक्टरों का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।
एयरपोर्ट संचालन शुरू होने से पहले सड़क, जलापूर्ति, सीवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास पूरा किया जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एयरपोर्ट आधारित उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
46 नए सेक्टरों के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान
यमुना सिटी के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए 46 नए सेक्टरों के लिए सर्विस मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस योजना के तहत जलापूर्ति, सीवर नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य शहरी सुविधाओं का व्यापक खाका तैयार किया जाएगा। इससे क्षेत्र का योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास सुनिश्चित होगा।
ग्रेटर नोएडा में EWS परिवारों को मिलेगा सस्ता आवास
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों के लिए किफायती आवासीय परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है। बिरौंडा और पतवाड़ी गांव के पास बहुमंजिला फ्लैट विकसित किए जाएंगे। करीब 30 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले इन फ्लैटों में लिफ्ट, आवश्यक दुकानों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था होगी।
श्रमिकों के लिए विशेष आवास योजना
ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी के अनुसार, श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों को कम लागत पर बेहतर आवास उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। योजना के लिए जमीन चिन्हित की जा रही है और अंतिम रूप दिए जाने के बाद हजारों परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
निर्यात में यूपी की स्थिति हुई मजबूत
इनवेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद ने बताया कि निर्यात के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। राज्य देश में निर्यात के मामले में 11वें स्थान से आगे बढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि नए औद्योगिक क्षेत्रों और बेहतर बुनियादी ढांचे से निर्यात को और बढ़ावा मिलेगा।
निवेश, रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।




