बिहारराज्य

खान सर कोचिंग विवाद में बड़ा फैसला: रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज, जेल में रहना होगा

पटना सिविल कोर्ट ने खान सर कोचिंग विवाद मामले में ज्ञान बिंदू जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं खान सर को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिली है।

पटना. खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में हुए कथित हमले, मारपीट और तोड़फोड़ मामले में आरोपी ज्ञान बिंदू जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को अदालत से बड़ा झटका लगा है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद रौशन आनंद को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

2 जून की घटना से जुड़ा है मामला

जानकारी के अनुसार, 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में 15-20 लोगों के समूह द्वारा कथित रूप से तोड़फोड़ और पथराव किया गया था। प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपियों ने संस्थान में घुसकर एक सुरक्षाकर्मी को बाहर खींचा और उसके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। इस मामले में कदमकुआं थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 410/26 दर्ज की गई थी।

पुलिस ने 3 जून को भेजा था जेल

घटना के बाद पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपियों को 3 जून 2026 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।

अदालत में क्या दलील दी गई?

रौशन आनंद की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राघव कुमार ने अदालत में तर्क दिया कि मामले में लगाई गई धारा 109 लागू नहीं होती है। उन्होंने कहा कि पीड़ित को लगी चोटें सामान्य प्रकृति की हैं और मामले में शामिल अधिकांश धाराएं जमानती हैं।

वकील ने अपने मुवक्किल को निर्दोष बताते हुए आरोपों को निराधार बताया और नियमित जमानत देने की मांग की। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत याचिका खारिज कर दी।

खान सर को मिली अंतरिम राहत

दूसरी ओर, खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर को फिलहाल अदालत से राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी है।

इस आदेश का अर्थ है कि फिलहाल पुलिस खान सर के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर सकेगी और उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक रहेगी। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह राहत प्रदान की है।

छात्रों ने किया था विरोध प्रदर्शन

रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में छात्र उनके समर्थन में सड़क पर उतर आए थे। छात्रों का आरोप था कि ज्ञान बिंदू जीएस एकेडमी के संचालक को मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि रौशन आनंद निर्दोष हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने फीस को लेकर फैल रही विभिन्न चर्चाओं को भी खारिज किया था।

मामले पर बनी हुई है नजर

खान सर और ज्ञान बिंदू जीएस एकेडमी से जुड़े इस विवाद पर शिक्षा जगत और छात्रों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अदालत की आगे की सुनवाई और पुलिस जांच इस मामले की दिशा तय करेगी।

Republic News Desk

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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