
दिल्ली. दिल्ली सरकार राजधानी की अग्निशमन सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए पूर्व अग्निवीरों को दिल्ली फायर सर्विस में शामिल करने की संभावना पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक में सामने आया, जहां फायर विभाग में कर्मचारियों की कमी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
फायर सर्विस में पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति का सुझाव
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना (LG) ने फायर विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के लिए पूर्व अग्निवीरों की सेवाएं लेने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि सेना में प्रशिक्षण प्राप्त अग्निवीर फायर फाइटर के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में उठा मुद्दा
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में हालिया अग्निकांडों के मद्देनजर फायर सर्विस की तैयारियों और संसाधनों की समीक्षा की गई।
तैयार होगा भर्ती और प्रशिक्षण का खाका
अधिकारियों के अनुसार सरकार पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति, आवश्यक प्रशिक्षण, पात्रता और सेवा शर्तों को लेकर विस्तृत योजना तैयार करेगी। अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके युवाओं को इसमें अवसर मिल सकता है।
दिल्ली फायर सर्विस में 1,000 से ज्यादा पद खाली
दिल्ली फायर सर्विस लंबे समय से कर्मचारियों की कमी का सामना कर रही है।
विभाग में रिक्त पदों की स्थिति:
- कुल स्वीकृत पद: 3,633
- रिक्त पद: 1,030
- संविदा कर्मियों से भरे पद: 412
- फायर ऑपरेटर के स्वीकृत पद: 2,367
- फायर ऑपरेटर के रिक्त पद: 552
बताया गया कि विभाग में नियमित भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2011-12 के बाद नहीं हुई है।
राजधानी में बढ़ सकते हैं नए फायर स्टेशन
बैठक में दिल्ली में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। वर्तमान में राजधानी में 71 फायर स्टेशन संचालित हैं, जबकि गृह मंत्रालय की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली को कम से कम 99 फायर स्टेशनों की आवश्यकता है।
अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी
गृह मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली फायर सर्विस अधिनियम 2007 की धारा 32 को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। इसके तहत बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों और फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
लोगों की सुरक्षा बढ़ाने पर फोकस
सरकार का मानना है कि पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति, रिक्त पदों की भर्ती और नए फायर स्टेशनों के निर्माण से राजधानी की आपदा प्रबंधन क्षमता और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा।




