SpiceJet का बड़ा दांव! फ्लीट में शामिल होंगे 3 Airbus A320, Boeing 737 Max की भी वापसी
SpiceJet ने 3 Airbus A320 विमानों को डैम्प लीज पर लेने का समझौता किया है। जुलाई 2026 में फ्लीट विस्तार के साथ Boeing 737 Max की भी सेवा में वापसी हुई है।

नई दिल्ली. घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने अपने बेड़े को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एयरलाइन ने तीन Airbus A320 विमानों को डैम्प लीज पर लेने का अंतिम समझौता किया है। ये विमान जुलाई 2026 में फ्लीट का हिस्सा बनेंगे। इसके साथ ही कंपनी ने अपने एक ग्राउंडेड Boeing 737 Max विमान को भी दोबारा सेवा में शामिल कर लिया है, जिससे परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
जुलाई 2026 में फ्लीट में शामिल होंगे तीन नए विमान
स्पाइसजेट ने तीन Airbus A320 विमानों को डैम्प लीज मॉडल के तहत शामिल करने का फैसला किया है। एयरलाइन का मानना है कि इससे यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय रूटों पर बेहतर सेवा देने में मदद मिलेगी।
Boeing 737 Max की सफल वापसी
फ्लीट विस्तार के बीच एयरलाइन ने अपने एक लंबे समय से ग्राउंडेड Boeing 737 Max विमान को तकनीकी रूप से तैयार कर दोबारा उड़ान संचालन में शामिल कर लिया है। विमान ने व्यावसायिक उड़ानें भी शुरू कर दी हैं, जिससे कंपनी की उपलब्ध सीट क्षमता में वृद्धि होगी।
व्यस्त ट्रैवल सीजन में बढ़ेगी परिचालन क्षमता
आने वाले पीक ट्रैवल सीजन को देखते हुए अतिरिक्त विमानों के शामिल होने से एयरलाइन को नेटवर्क विस्तार और उड़ानों के संचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा। इससे टिकटों की उपलब्धता बेहतर होगी और उड़ानों में देरी या रद्द होने जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या बोले स्पाइसजेट के चीफ बिजनेस ऑफिसर?
स्पाइसजेट के चीफ बिजनेस ऑफिसर देबोजो महर्षि ने कहा कि नए विमान यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने, परिचालन क्षमता को मजबूत बनाने और व्यस्त यात्रा अवधि के दौरान नेटवर्क को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि कंपनी लगातार अपने बेड़े के विस्तार और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने पर काम कर रही है।
क्या होता है डैम्प लीज मॉडल?
विमानन उद्योग में डैम्प लीज एक ऐसा समझौता होता है, जिसमें विमान उपलब्ध कराने वाली कंपनी विमान के साथ पायलट और केबिन क्रू भी देती है। हालांकि विमान का रखरखाव और बीमा संबंधित जिम्मेदारी विमान संचालित करने वाली एयरलाइन की होती है। यह मॉडल कम समय में उड़ानों की संख्या बढ़ाने का प्रभावी तरीका माना जाता है।




