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अब E100 इथेनॉल पर दौड़ेगी कार! Maruti Suzuki की नई तकनीक से बदल सकता है ऑटो सेक्टर

Maruti Suzuki भारत की पहली E100 फ्लेक्स-फ्यूल कार पेश करने की तैयारी में है। जानिए यह तकनीक कैसे पेट्रोल पर निर्भरता घटाएगी और पर्यावरण को फायदा पहुंचाएगी।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki वैकल्पिक ईंधन तकनीक की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह पर्यावरण दिवस के अवसर पर E100 फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस वाहन पेश कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह भारत की पहली ऐसी चारपहिया गाड़ी होगी जो 100 प्रतिशत इथेनॉल (E100) तक के ईंधन पर चलने में सक्षम होगी।

यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।

भारत को मिलेगी पहली E100 फ्लेक्स-फ्यूल कार

वर्तमान समय में भारतीय बाजार में कोई भी फ्लेक्स-फ्यूल चारपहिया वाहन बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। ऐसे में Maruti Suzuki की यह पेशकश देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।

फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ऐसे इंजन से लैस होते हैं जो पेट्रोल और इथेनॉल के विभिन्न मिश्रणों पर आसानी से चल सकते हैं। कंपनी की नई कार E100 यानी 100 प्रतिशत इथेनॉल तक के उपयोग के लिए तैयार की जा रही है।

E100 के लिए खास तकनीकी बदलाव

E100 ईंधन के इस्तेमाल के लिए वाहन में विशेष तकनीकी बदलाव किए गए हैं। इथेनॉल सामान्य पेट्रोल की तुलना में अधिक नमी अवशोषित करता है, इसलिए फ्यूल सिस्टम, स्टोरेज टैंक, फ्यूल डिलीवरी सिस्टम और इंजन के कुछ हिस्सों को विशेष रूप से डिजाइन किया जाता है।

Maruti Suzuki ने अपने पहले के E85 प्रोटोटाइप की तुलना में नए मॉडल में कई अतिरिक्त सुधार किए हैं ताकि वाहन पूरी तरह E100 ईंधन के अनुकूल बन सके।

पेट्रोल आयात पर घटेगी निर्भरता

सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग लंबे समय से इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल की खपत कम होगी, जिससे विदेशी कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता घटेगी।

इसके अलावा, इथेनॉल एक स्वदेशी और अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन विकल्प माना जाता है, जो कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मददगार हो सकता है।

कई कंपनियां पहले ही दिखा चुकी हैं तकनीक

ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर काम कर रही हैं। Toyota, Tata Motors, Mahindra और Suzuki समेत कुल 12 कंपनियां पहले ही फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के प्रोटोटाइप प्रदर्शित कर चुकी हैं।

वहीं Honda और Suzuki फ्लेक्स-फ्यूल टू-व्हीलर्स भी पेश कर चुकी हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ वैकल्पिक ईंधन तकनीकों पर बढ़ता फोकस भारत के ऑटो सेक्टर को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इथेनॉल मिश्रण के अगले चरण की तैयारी

भारत सरकार पहले ही E20 पेट्रोल को मानकीकृत कर चुकी है। इसके अलावा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने E22, E25, E27 और E30 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों के लिए भी मानक जारी किए हैं।

ऐसे में Maruti Suzuki की संभावित E100 फ्लेक्स-फ्यूल कार भविष्य की ईंधन तकनीक और हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।

Republic News

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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