नाबालिग गैंगरेप मामले में बड़ा एक्शन: सिलयारी चौकी प्रभारी निलंबित, पुलिस विभाग में हड़कंप
धरसीवां में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच में लापरवाही के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया गया है। मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने विरोध दर्ज कराया था।

रायपुर. धरसीवां क्षेत्र में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की जांच में लापरवाही के आरोपों के बीच रायपुर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने मोर्चा खोल रखा था, जिसके बाद पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाया है।
जांच में लापरवाही पर चौकी प्रभारी निलंबित
रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सिलयारी चौकी में दर्ज मामले की जांच के दौरान गंभीर लापरवाही पाए जाने पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को निलंबित किया गया है।
आदेश में क्या कहा गया?
- जांच में घोर लापरवाही के आरोप
- तत्काल प्रभाव से निलंबन
- पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कार्यालय में संबद्धता
- निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता
- एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
मामले को लेकर बढ़ा राजनीतिक दबाव
नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक माहौल गर्म था। विभिन्न जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
भाजपा नेताओं ने उठाया मुद्दा
भाजपा नेताओं ने पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया। प्रमुख नेताओं में शामिल रहे:
- पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल
- जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी
- भाजपा नेता दिनेश अग्रवाल
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की थी।
कांग्रेस ने भी किया विरोध प्रदर्शन
मामले को लेकर कांग्रेस ने भी धरसीवां और आसपास के क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता:
- पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा
- जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे
- उधोराम वर्मा
- पीसीसी कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल
- ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा
कांग्रेस नेताओं ने माना सीएसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
कांग्रेस ने दिया था 12 घंटे का अल्टीमेटम
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए 12 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग की थी। प्रमुख मांगें:
- आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
- पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
- सिलयारी चौकी प्रभारी का निलंबन
- पीड़िता को न्याय सुनिश्चित करना
मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 9 जून को चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।
मामले में आगे क्या?
चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि राजनीतिक दलों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। पुलिस विभाग अब मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पीड़िता को न्याय दिलाने पर बना हुआ है फोकस
प्रशासन और पुलिस पर अब यह जिम्मेदारी है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। वहीं राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों की नजरें भी अब आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




