नई दिल्ली. शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत बताई है। जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में पहुंचे वांगचुक ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े विवादों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।
छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे सोनम वांगचुक
प्रदर्शन के दौरान मंच पर पहुंचे सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से विरोध-प्रदर्शन पसंद नहीं है, लेकिन जब लोगों की न्यायसंगत मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जाता है, तब आवाज उठाना जरूरी हो जाता है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याएं केवल परीक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र से जुड़ा मुद्दा है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
पेपर लीक मामलों पर उठाए सवाल
सोनम वांगचुक ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।
- परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए।
- जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो।
- शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार किए जाएं।
- छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले।
सरकारी स्कूलों को लेकर दिया बड़ा सुझाव
अपने संबोधन में वांगचुक ने एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि नेताओं, मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों के बच्चों को सरकारी स्कूलों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ना चाहिए। उनका तर्क था कि जो लोग शिक्षा व्यवस्था का संचालन करते हैं, उन्हें उसी व्यवस्था का अनुभव भी होना चाहिए। इससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में गंभीर प्रयास होंगे।
राजनीति में आने की अटकलों पर दिया जवाब
कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्रों ने कई बार सोनम वांगचुक से शिक्षा मंत्री बनने और राजनीति में आने का आग्रह किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है और वे शिक्षा सुधार तथा सामाजिक मुद्दों पर काम करते रहना चाहते हैं।
अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले आंदोलन के आयोजक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय सोशल मीडिया गतिविधियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दे रही।
‘अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर लौटेंगे’
अभिजीत दीपके ने कहा कि मौजूदा प्रदर्शन केवल शुरुआत है और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
उनकी प्रमुख बातें
- अगले शनिवार फिर प्रदर्शन किया जाएगा।
- छात्रों की आवाज देशभर तक पहुंचाई जाएगी।
- विभिन्न राज्यों में आंदोलन का विस्तार किया जाएगा।
- शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग जारी रहेगी।
कई संगठनों का मिला समर्थन
प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में:
- जेएनयू के वर्तमान और पूर्व छात्र नेता
- छात्र संगठन
- सामाजिक कार्यकर्ता
- विपक्षी दलों के प्रतिनिधि
ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
परिवार को धमकियों का दावा
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा कर दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में उनके परिवार को धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय बाद अपने माता-पिता से मिलने जा रहे हैं और परिवार को वापस घर लाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
शिक्षा सुधार की बहस फिर हुई तेज
सोनम वांगचुक के समर्थन के बाद शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था ही युवाओं का भरोसा मजबूत कर सकती है।




