छत्तीसगढ़

750 की खाद 1800 में बेच रहे थे कारोबारी! कृषि विभाग की गुप्त जांच में बड़ा खुलासा

रायगढ़ में कृषि अधिकारी किसान बनकर खाद दुकान पहुंचे और SSP खाद की कालाबाजारी का खुलासा किया। 750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेचने पर गोदाम सील, 74 बोरी खाद जब्त।

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने अनोखा तरीका अपनाया। उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर खाद दुकान पहुंचे और जांच के दौरान खाद की ओवररेटिंग का खुलासा किया। शिकायत सही मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम सील कर दिया और खाद विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया।

किसान बनकर की गुप्त जांच, खुली कालाबाजारी की पोल

रायगढ़ कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड में कृषि विभाग की टीम ने गुप्त जांच की।

उप संचालक कृषि किसान बनकर एक खाद दुकान पर पहुंचे और खाद खरीदने का प्रयास किया। जांच में सामने आया कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) खाद, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी तक बेचा जा रहा था।

एक बोरी पर हजार रुपये से ज्यादा की वसूली

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि किसानों से प्रति बोरी 1000 रुपये से अधिक अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा था और शासन की निर्धारित मूल्य व्यवस्था का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। प्रशासन ने शिकायत की पुष्टि होने के बाद तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

गोदाम सील, 74 बोरी खाद जब्त

कार्रवाई के तहत लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स के गोदाम को सील कर दिया गया। मौके से 74 बोरी खाद जब्त की गई।

प्रशासन की कार्रवाई

  • गोदाम सील
  • 74 बोरी खाद जब्त
  • 10 दिन के लिए खाद विक्रय पर प्रतिबंध
  • संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी

अधिकारियों ने संचालक से जवाब भी तलब किया है।

किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: प्रशासन

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त और निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर ने कहा कि:

  • कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी
  • जमाखोरी और ओवररेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी
  • खाद वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी जारी रहेगी

पूरे जिले में चलेगा जांच अभियान

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की नियमित जांच की जाएगी।

जांच का फोकस

  • निर्धारित मूल्य पर बिक्री
  • भंडारण की स्थिति
  • जमाखोरी की शिकायतें
  • कृत्रिम अभाव पैदा करने की कोशिश

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों से की गई महत्वपूर्ण अपील

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूली की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग या प्रशासन को सूचित करें।

प्रशासन का कहना है कि किसानों के सहयोग से ऐसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है और पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

खरीफ सीजन में बढ़ाई गई निगरानी

खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया है ताकि किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो सके।

Republic News

इस समाचार पोर्टल के लेखक एवं संपादक हैं। दस वर्षों की पत्रकारिता अनुभव से सत्य और संतुलित खबरें पेश करने का जुनून रखते हैं। अपनी टीम के साथ राजनीति, टेक्नोलॉजी, क्राइम और संस्कृति की गहरी कवरेज देते हैं। पाठकों का विश्वास ही इनका मिशन है।

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