MP के शूटर्स की जीत: हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, मिलेंगी 1000 राइफलें
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के शूटरों को बड़ी राहत देते हुए अभ्यास के लिए 1000 कारतूस देने के आदेश दिए हैं। कोटा घटाकर 500 करने के खिलाफ दायर याचिका पर अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।

जबलपुर. भोपाल के शूटरों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर द्वारा अभ्यास के लिए दिए जाने वाले कारतूसों का कोटा घटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शूटरों को एक-एक हजार कारतूस देने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने 19 फरवरी को दिया।
कोटा घटाकर 500 करने पर कोर्ट पहुंचा मामला
याचिकाकर्ता इब्राहिम जावेद खान सहित तीन अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि:
- आर्म्स रूल्स 2016 के तहत अभ्यास के लिए कारतूस का कोटा तय है
- जिला स्तर की कमेटी ने 1000 कारतूस देने की सिफारिश की थी
- इसके बावजूद कोटा घटाकर 500 कर दिया गया
- याचिका में बताया गया कि पर्याप्त कारतूस नहीं मिलने से खिलाड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
प्रतियोगिता की तैयारी के लिए जरूरी है अभ्यास
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि इब्राहिम जावेद खान एक प्रसिद्ध शूटर हैं और अन्य खिलाड़ी उभरते हुए खिलाड़ी हैं। अभ्यास के लिए पर्याप्त कारतूस नहीं मिलने से उनका प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना मुश्किल हो रहा है।
सरकार ने कोर्ट में क्या कहा
- राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि जनहित में कोटा बढ़ाने पर सहमति है।
- प्रसिद्ध और उभरते शूटरों को 1000 कारतूस दिए जाएंगे
- उपयोग की जांच के बाद कोटा रिन्यू किया जाएगा
हाईकोर्ट के निर्देश
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा:
- सभी पात्र शूटरों को एक-एक हजार कारतूस का कोटा दिया जाए
- कोटा खत्म होने पर शूटर कलेक्टर को रिपोर्ट देंगे
- जांच के बाद फिर कारतूस जारी किए जाएंगे
- साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पोर्ट्स कैटेगरी के हथियारों के उपयोग और खिलाड़ियों को दिए जाने वाले कारतूस की संख्या पर अपना पक्ष रखने को कहा है।
राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लाइसेंस का मामला भी उठा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने संबंधित आदेश पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही केंद्रीय गृह विभाग को अनावेदक बनाने को भी कहा गया।
अगली सुनवाई 23 फरवरी को
मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल डेनियल ने पैरवी की।




