सेहत पर योगी सरकार का फोकस: तंबाकू फ्री दफ्तर और स्कूलों में जागरूकता चैप्टर
योगी सरकार तंबाकू के खिलाफ सख्त एक्शन प्लान लागू करने जा रही है। सरकारी दफ्तर तंबाकू मुक्त होंगे, शिक्षण संस्थानों की मान्यता से नए नियम जुड़ेंगे और मेडिकल कॉलेजों में तंबाकू निषेध केंद्र बनेंगे।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते इस्तेमाल पर लगाम लगाने और युवाओं को इसकी लत से बचाने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को ‘तंबाकू मुक्त क्षेत्र’ घोषित किया जाएगा। वहीं नए शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए तंबाकू मुक्त परिसर होना अनिवार्य होगा। यह फैसले मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में लिए गए।
तंबाकू दुकानों के बीच 500 मीटर दूरी का प्रस्ताव
तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु:
- दो तंबाकू दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी
- बिना वैध लाइसेंस बिक्री पर कड़ी रोक
- स्कूली पढ़ाई में शामिल होंगे तंबाकू के दुष्प्रभाव
- सरकार तंबाकू के खिलाफ जागरूकता की शुरुआत बचपन से करने की तैयारी में है।
- प्राथमिक स्तर से पाठ्यक्रम में दुष्प्रभाव शामिल
- को-करिकुलर एक्टिविटी के जरिए जागरूकता
- विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान
- ‘तंबाकू मुक्त संस्थान’ के नियमों के बिना नई मान्यता नहीं
मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे तंबाकू निषेध केंद्र
- स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए:
- डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण
- सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में Cessation Center स्थापित
- हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की सलाह देने पर जोर
- मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से करनी होगी और युवाओं में इसके ग्लैमर को तोड़ना जरूरी है।
COTPA कानून के सख्त पालन पर जोर
बैठक में कोटपा (COTPA) एक्ट 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




