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‘डर नहीं, सिर्फ अटैक’ – होबार्ट मुकाबलों से पहले हार्दिक सिंह का दमदार संदेश

एफआईएच प्रो लीग 2025-26 के होबार्ट लेग में भारतीय हॉकी टीम स्पेन और ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। हरमनप्रीत की गैरमौजूदगी में हार्दिक सिंह कप्तान, युवा खिलाड़ियों पर रहेगी नजर।

नई दिल्ली. भारतीय पुरुष हॉकी टीम एफआईएच मेन्स प्रो लीग 2025-26 के होबार्ट लेग में नई ऊर्जा और नए संयोजन के साथ उतरने जा रही है। 24 सदस्यीय टीम इस टूर्नामेंट को आगामी हॉकी विश्व कप और एशियन गेम्स की तैयारी के अहम पड़ाव के रूप में देख रही है। होबार्ट लेग का आयोजन 20 से 25 फरवरी तक ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया हॉकी सेंटर में होगा, जहां भारत का मुकाबला स्पेन और मेजबान ऑस्ट्रेलिया से होगा।

21 फरवरी से अभियान की शुरुआत

भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 21 फरवरी को स्पेन के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद

  • 22 फरवरी – ऑस्ट्रेलिया
  • 24 फरवरी – स्पेन
  • 25 फरवरी – ऑस्ट्रेलिया
  • के खिलाफ मैच होंगे। 25 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम मुकाबले के साथ ही होबार्ट लेग समाप्त होगा।

स्पेन से बराबरी, ऑस्ट्रेलिया से कड़ी चुनौती

पिछले 10 मुकाबलों में भारत और स्पेन का रिकॉर्ड बराबरी का रहा है। दोनों टीमों ने 4-4 मैच जीते, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे।
वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आंकड़े भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। पिछले 10 मैचों में भारत को 6 हार, 2 जीत और 2 ड्रॉ मिले हैं।

हार्दिक सिंह को सौंपी गई कप्तानी

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता टीम के अहम सदस्य हार्दिक सिंह को हरमनप्रीत सिंह की गैरमौजूदगी में प्रो लीग के इस लेग के लिए कप्तान बनाया गया है। टीम में अमनदीप लाकड़ा, मनमीत सिंह अंगद, अरिजीत सिंह हुंदल और आदित्य अर्जुन लालगे जैसे उभरते खिलाड़ियों को भी मौका मिला है।

कप्तान हार्दिक बोले – जिम्मेदारी निभाने का सुनहरा मौका

हार्दिक सिंह ने कहा, “प्रो लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करना बहुत बड़ा सम्मान है। हरमनप्रीत की कमी जरूर खलेगी, लेकिन यह बाकी खिलाड़ियों के लिए जिम्मेदारी लेने का शानदार मौका है। हमने हाल के मैचों की समीक्षा कर अपनी कमियों से सीख ली है और होबार्ट में सकारात्मक और आक्रामक सोच के साथ उतरेंगे।”

युवा खिलाड़ियों से बढ़ी टीम की ताकत

युवा खिलाड़ियों को लेकर हार्दिक ने कहा, “हमारी अटैकिंग लाइनअप में युवा खिलाड़ियों की निडर ऊर्जा टीम को नई धार देती है। ऑस्ट्रेलिया और स्पेन जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलना उनके लिए खुद को साबित करने का बेहतरीन मंच है।”

बड़े टूर्नामेंट की तैयारी का अहम मंच

भारतीय टीम के लिए यह लेग सिर्फ अंक हासिल करने का मौका नहीं, बल्कि आगामी विश्व कप और एशियन गेम्स के लिए सही संयोजन और रणनीति तय करने का बड़ा प्लेटफॉर्म भी है।

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