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स्नो, स्पीड और स्पोर्ट्स: खेलो इंडिया विंटर गेम्स से गुलमर्ग पर दुनिया की नजर

Khelo India Winter Games 2026 से गुलमर्ग में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिल रहा है। होटल बुकिंग बढ़ी, खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ी और विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में पहचान मजबूत हो रही है।

गुलमर्ग. 23 से 26 फरवरी तक होने जा रहे खेलो इंडिया विंटर गेम्स का अगला संस्करण सरकार की ‘खेलो भारत’ नीति का आदर्श उदाहरण बनता दिख रहा है। इवेंट से पहले ही गुलमर्ग में पर्यटन, होटल इंडस्ट्री और स्थानीय कारोबार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। इस नीति का उद्देश्य सिर्फ खेल प्रतिभाओं को मंच देना नहीं, बल्कि बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स के जरिए आर्थिक विकास और स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करना भी है।

खेलो भारत नीति से स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूती

  • केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस नीति के तहत
  • खेलों के लिए आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है
  • नई प्रतिभाओं की पहचान की जा रही है
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है साथ ही पर्यटन, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और लोकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को भी फायदा मिल रहा है।

बुकिंग फुल, होटल इंडस्ट्री में उत्साह

इवेंट से हफ्तों पहले ही गुलमर्ग के होटल और हट्स में 50% से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। टैंगमर्ग के होटल कारोबारी आबिद कहते हैं— “जब गेम्स होते हैं तो गुलमर्ग देश का दिल बन जाता है। अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ी और पर्यटक यहां एक भारत की तस्वीर पेश करते हैं।”

बढ़ती भागीदारी, मजबूत होती पहचान

खेलो इंडिया विंटर गेम्स में हर साल एथलीटों की संख्या बढ़ती रही है:

  • 2020: 1,123 खिलाड़ी
  • 2021: 1,208 खिलाड़ी
  • 2023: 1,395 खिलाड़ी (सबसे ज्यादा)
  • इन संस्करणों में जम्मू-कश्मीर ने पदक तालिका में दबदबा बनाए रखा, जबकि आर्मी, हिमाचल और कर्नाटक जैसी टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

आतंकी हमले के बाद पर्यटन को नई उम्मीद

22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में घरेलू पर्यटकों की संख्या 26 लाख से घटकर लगभग 10.47 लाख रह गई थी। हालांकि नए साल की भीड़ विंटर गेम्स को लेकर उत्साह की वजह से पर्यटन फिर पटरी पर लौटता दिख रहा है।

स्थानीय लोगों की कमाई का बड़ा सीजन

कोंगदूरी की ढलानों पर स्लेज चलाने वाले अल्ताफ हुसैन और मुहम्मद रफीक जैसे लोगों के लिए यह सीजन साल का सबसे अहम समय होता है।

  • प्रति पर्यटक कमाई: ₹500 से ₹1,500
  • पीक सीजन में रोजाना आय: ₹1,500 से ₹3,000
  • “जब गेम्स शुरू होते हैं तो गुलमर्ग में जान आ जाती है,” वे कहते हैं।

इन खेलों में दिखेगा दम

2026 संस्करण में चार स्पर्धाएं आयोजित होंगी:

  • स्की माउंटेनियरिंग
  • अल्पाइन स्कीइंग
  • नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस कंट्री)
  • स्नोबोर्डिंग

खेल से बनेगी ‘विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल’ की पहचान

  • खेलो इंडिया विंटर गेम्स अब सिर्फ एक स्पोर्ट्स इवेंट नहीं, बल्कि यह उदाहरण बन रहा है कि कैसे खेल
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देते हैं
  • राष्ट्रीय खेल संस्कृति को मजबूत करते हैं
  • गुलमर्ग को भारत की विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल के रूप में स्थापित करते हैं।

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