देश

हिमाचल में खिला ट्यूलिप का रंगीन सपना, पालमपुर बना नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट

हिमाचल के पालमपुर में आईएचबीटी द्वारा स्थापित देश का दूसरा ट्यूलिप गार्डन सैलानियों के लिए खुला। 50,000 ट्यूलिप पौधों के साथ पर्यटन और फ्लोरीकल्चर को मिलेगा बढ़ावा।

पालमपुर (हिमाचल प्रदेश). हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में धौलाधार की वादियों के बीच देश का दूसरा ट्यूलिप गार्डन सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। कश्मीर के बाद यह देश का दूसरा और प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन है, जिसे CSIR-Institute of Himalayan Bioresource Technology (आईएचबीटी) परिसर में स्थापित किया गया है। यह गार्डन हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता को नई पहचान दे रहा है और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

फ्लोरीकल्चर मिशन के तहत हुई शुरुआत

इस ट्यूलिप गार्डन की शुरुआत वर्ष 2022 में केंद्र सरकार और Council of Scientific and Industrial Research (सीएसआईआर) के फ्लोरीकल्चर मिशन के तहत की गई थी।

संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वर्ष ट्यूलिप की 6 किस्मों के 50,000 पौधे लगाए गए हैं। अगले पांच वर्षों में 23 लाख ट्यूलिप तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लाखों सैलानी कर चुके हैं दीदार

आईएचबीटी के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव के मुताबिक, गार्डन खुलने के बाद अब तक 4 लाख से अधिक दर्शक यहां आ चुके हैं। इस वर्ष भी दर्शकों की संख्या 1 लाख से अधिक रहने की संभावना है।

संस्थान बल्ब प्रोडक्शन पर भी कार्य कर रहा है और कुछ कंपनियों के साथ मिलकर ऑफ-सीजन ट्यूलिप उत्पादन की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। दिल्ली स्थित सीएसआईआर मुख्यालय में भी इस वर्ष 1,000 से अधिक ट्यूलिप पौधे लगाए गए हैं, जिन्हें आम जनता के लिए खोला गया है।

हालैंड पर निर्भरता घटाने की पहल

अब तक भारत में ट्यूलिप मुख्य रूप से हालैंड (नीदरलैंड) से आयात किए जाते रहे हैं, क्योंकि वहां इन फूलों का सबसे अधिक उत्पादन होता है।

लेकिन आईएचबीटी के वैज्ञानिकों के प्रयासों से देश में ही ट्यूलिप उत्पादन की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि किसानों के लिए भी फूलों की खेती के नए अवसर खुलेंगे।

कश्मीर से जुड़ी ट्यूलिप की पहचान

गौरतलब है कि कश्मीर के प्रसिद्ध ट्यूलिप गार्डन में फिल्म सिलसिला का चर्चित गीत ‘देखा एक ख्वाब तो सिलसिले हुए’ फिल्माया गया था, जिसके बाद ट्यूलिप फूलों की लोकप्रियता और बढ़ गई। पालमपुर का यह गार्डन अब उसी तरह देश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बना रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button