ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल, यूपी में शहद से बदलेगी एक लाख जिंदगियां
उत्तर प्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू, तीन वर्षों में एक लाख महिला उद्यमी तैयार होंगी, आय और फसल उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।
तीन वर्षों में तैयार होंगी एक लाख महिला मधुमक्खी पालक
योजना के तहत आगामी तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम से जुड़ी प्रत्येक महिला उद्यमी की वार्षिक आय में एक लाख रुपये तक की वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मधुमक्खियों द्वारा होने वाले परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
यूपी का शहद बनाएगा वैश्विक पहचान
योगी आदित्यनाथ के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। महिलाएं स्वयं का शहद ब्रांड विकसित करेंगी और शहद व उससे जुड़े उत्पादों के विपणन के जरिए प्रदेश के आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी।
प्रशिक्षण और विपणन से जुड़ेगी महिलाएं
इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार से जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था की जा रही है, ताकि यूपी का शहद गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बन सके। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं का आत्मनिर्भरता का सपना साकार होगा।




