बजट 2026 का मास्टरप्लान: ‘औद्योगिक संप्रभुता’ से बदलेगी भारत की मैन्युफैक्चरिंग तस्वीर
Budget 2026-27 में सरकार का फोकस ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के ज़रिए भारत को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। बायो-फार्मा, सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ सेक्टर में बड़े निवेश का रोडमैप।

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार का प्रमुख फोकस भारत को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। अनुमानित ₹54.1 लाख करोड़ के विशाल बजट आकार के बीच आर्थिक सुधारों को तेज़ी देने के लिए सरकार ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ का ब्लूप्रिंट सामने रखा है।
यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर की गई घोषणाओं और उसके बाद गठित उच्च स्तरीय समितियों की सिफारिशों पर आधारित है। केंद्र सरकार अब राज्यों के साथ मिलकर इन सुधारों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति पर काम कर रही है। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत 6 प्रमुख कर्तव्यों और 7 फोकस सेक्टर्स की पहचान की गई है, जिनका लक्ष्य भारत की औद्योगिक संप्रभुता (Industrial Sovereignty) को मज़बूत करना है।
1. बायो-फार्मा शक्ति: ₹10,000 करोड़ का बूस्टर
फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भारत को वैश्विक हब बनाने के उद्देश्य से सरकार ने ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना की घोषणा की है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के निवेश का प्रावधान है।
- उद्देश्य: ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार के ज़रिए विकास तथा किफायती दवाओं की उपलब्धता।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: 3 नए राष्ट्रीय बायो-फार्मा संस्थान स्थापित किए जाएंगे और 7 मौजूदा संस्थानों का अपग्रेडेशन होगा।
- रेगुलेशन: दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के आधुनिकीकरण की भी योजना है।
2. सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स: ₹40,000 करोड़ का प्रस्ताव
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन को और विस्तार दिया गया है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में तय लक्ष्यों से बेहतर प्रदर्शन के बाद सरकार का आत्मविश्वास बढ़ा है।
- नया निवेश: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ₹40,000 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव।
- फोकस: उद्योग-आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर विशेष ज़ोर, ताकि इस सेक्टर के लिए कुशल वर्कफोर्स तैयार की जा सके।
3. रेयर अर्थ मिशन: आयात निर्भरता घटाने की रणनीति
चीन और अन्य देशों पर महत्वपूर्ण खनिजों की निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने रेयर अर्थ मिशन की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत खनन और शोध के लिए चार राज्यों में विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
- राज्य: ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु।
- लक्ष्य: आयात निर्भरता कम करना और देश में रणनीतिक खनिजों की मज़बूत घरेलू सप्लाई चेन विकसित करना।
4. एमएसएमई और शहरी विकास पर विशेष जोर
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत एमएसएमई सेक्टर को ‘चैम्पियन’ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, शहरी क्षेत्रों के आर्थिक ढांचे को मज़बूत करने के लिए भी नए प्रावधान किए गए हैं, ताकि शहर विकास के प्रमुख इंजन बन सकें।
भविष्य की ओर बढ़ती ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’
₹54.1 लाख करोड़ के बजट के साथ ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ सरकार की दीर्घकालिक औद्योगिक रणनीति को दर्शाती है। बायो-फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे हाई-टेक सेक्टर्स में भारी निवेश तथा रेयर अर्थ जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में घरेलू क्षमता निर्माण यह संकेत देता है कि सरकार अब केवल ‘असेंबली’ नहीं, बल्कि ‘मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन’ पर केंद्रित है।




