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पर्यटन नगरी मनाली में महाजाम: 15 KM कतार, सुविधाएं बंद, रात गाड़ियों में कटी

हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित। मनाली के पास 15 किमी लंबा जाम, 600 से ज्यादा पर्यटक फंसे, 683 सड़कें बंद और बिजली-पानी की आपूर्ति ठप।

मनाली. पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मनाली के पास करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित है, जबकि सैकड़ों पर्यटक विभिन्न इलाकों में फंसे हुए हैं। कई पर्यटकों को अपनी गाड़ियों में ही रात गुजारनी पड़ी।

गणतंत्र दिवस वीकेंड पर बढ़ी भीड़, हालात और बिगड़े

ताजा बर्फबारी ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे को जरूर खत्म किया है, लेकिन इसके कारण शिमला और मनाली में हालात बेहद कठिन हो गए हैं। गणतंत्र दिवस के लंबे सप्ताहांत के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने और फिसलन भरी सड़कों के चलते भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी।

600 से अधिक पर्यटक फंसे, गाड़ियों में गुजारी रात

मनाली के आसपास 600 से अधिक पर्यटक फंसे रहे। ट्रैफिक ठप होने के कारण कई लोगों को अपनी गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी। दिल्ली से आए पर्यटक अक्षय ने बताया कि वे तीन घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहे, जिसके बाद उन्होंने करीब सात किलोमीटर पैदल चलकर मनाली पहुंचने का फैसला किया। एक अन्य पर्यटक तृषा ने बताया कि उन्हें गाड़ी में ही रात बितानी पड़ी और खाने के लिए मैगी का सहारा लेना पड़ा।

टैक्सी किराये को लेकर आरोप, 20 किमी के लिए 15 हजार की मांग

पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण पर्यटकों ने निजी टैक्सी चालकों पर मनमाना किराया वसूलने के आरोप लगाए हैं। दिल्ली के पर्यटक लक्षित के अनुसार, मनाली और पतलीकुहल के बीच 20 किलोमीटर की दूरी के लिए 10,000 से 15,000 रुपये तक की मांग की जा रही है।

683 सड़कें बंद, दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी अवरुद्ध

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्ग—एनएच-3 (कोक्सर–दारचा) और एनएच-505 (ग्रामफू–बताल) सहित कुल 683 सड़कें अवरुद्ध रहीं।

लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बर्फ हटाने के लिए जेसीबी और पोक्लेन मशीनें लगातार लगाई गई हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 2.5 से 3 फीट तक, जबकि अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में करीब 4 फीट तक बर्फ जमी है।

बिजली-पानी की आपूर्ति ठप, बस सेवाएं निलंबित

भारी बर्फबारी के कारण 5,775 से अधिक वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं और 126 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। शिमला जिले के कई हिस्सों में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। ग्रामीण इलाकों में बिजली बहाल होने में पांच से छह दिन तक लग सकते हैं। इसके अलावा 1,200 से अधिक मार्गों पर बस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।

लाहौल-स्पीति सबसे ज्यादा प्रभावित, अटल सुरंग मार्ग बंद

सबसे अधिक प्रभावित जिलों में लाहौल-स्पीति, मंडी, चंबा, कुल्लू और सिरमौर शामिल हैं। अकेले लाहौल-स्पीति में 290 सड़कें बंद रहीं। कोक्सर–रोहतांग दर्रा, दरचा–सरचू और ग्रामफू–बताल जैसे महत्वपूर्ण मार्गों के साथ अटल सुरंग से होकर जाने वाला मनाली–लाहौल मार्ग भी बंद रहा।

मुश्किलों के बावजूद बढ़ा पर्यटन, होटल ऑक्यूपेंसी में उछाल

इन तमाम बाधाओं के बावजूद बर्फबारी के चलते पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 70–80 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। शिमला होटल्स एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ ने बताया कि पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन लंबी बिजली कटौती चिंता का विषय है। वहीं, मनाली के होटल संचालकों को उम्मीद है कि सड़कें खुलते ही ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

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