टेक यूज़र्स को झटका: शाओमी ने टैबलेट्स की कीमतें 20% तक बढ़ाईं
शाओमी ने अपने टैबलेट्स की कीमतों में 20% तक की बढ़ोतरी की है। वीवो और रियलमी ने भी स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ाए। मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत और सप्लाई चेन दबाव को कीमत बढ़ने की बड़ी वजह माना जा रहा है।
नई दिल्ली. चीन की दिग्गज टेक कंपनी शाओमी ने अपने लोकप्रिय टैबलेट्स की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। शाओमी अकेली कंपनी नहीं है जिसने दाम बढ़ाए हों। वीवो और रियलमी जैसी ब्रांड्स ने भी हाल ही में अपने कई स्मार्टफोन मॉडल्स की कीमतों में 2,000 रुपये तक का इजाफा किया है।
मेमोरी कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत बनी मुख्य वजह
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह मेमोरी कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत है। रैम और स्टोरेज चिप्स के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर टैबलेट और स्मार्टफोन की फाइनल कीमत पर पड़ रहा है।
LPDDR4 चिप्स की कमी से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि खासतौर पर LPDDR4 मेमोरी चिप्स की सप्लाई में कमी आने की आशंका है। ग्लोबल लेवल पर टेक कंपनियां तेजी से LPDDR5 टेक्नोलॉजी की ओर शिफ्ट हो रही हैं, जिससे पुरानी चिप्स की उपलब्धता घटती जा रही है। इसका असर खासतौर पर बजट और मिड-रेंज टैबलेट्स और स्मार्टफोन्स पर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग खर्च भी बढ़े
मेमोरी चिप्स के अलावा लॉजिस्टिक्स लागत, मैन्युफैक्चरिंग खर्च और ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव भी कीमतें बढ़ने की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। इन सभी फैक्टर्स ने कंपनियों के प्रोडक्शन कॉस्ट को बढ़ा दिया है, जिसका बोझ अब सीधे उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।
आने वाले महीनों में और महंगे हो सकते हैं डिवाइस
इंडस्ट्री जानकारों का मानना है कि यह बढ़ोतरी यहीं नहीं रुकेगी। आने वाले महीनों में अन्य कंपनियां भी टैबलेट और स्मार्टफोन की कीमतों में इजाफा कर सकती हैं, खासकर बजट सेगमेंट में।




