ग्रामीण भारत को नई ताकत: ‘विकसित भारत–जी–राम–जी’ से रोजगार का विस्तार, बोले मंत्री उइके
भोपाल में मंत्री सम्पतिया उइके ने विकसित भारत–जीरामजी योजना की जानकारी दी। योजना से 125 दिन का रोजगार, समय पर भुगतान और आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण होगा।

भोपाल. लोक स्वास्थ्य यात्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री Sampatiya Uike ने सूर्या भवन, NTPC Vindhyanagar में मीडिया को केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत–जीरामजी योजना’ की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने का वादा नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए स्थायी आजीविका की गारंटी है।
ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव
मंत्री सम्पतिया उइके ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराना इस कानून का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि यह योजना विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करती है।
ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता
मंत्री ने कहा कि इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गांवों को अधिक अधिकार दिए गए हैं। योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं—
- भ्रष्टाचार मुक्त ग्राम पंचायत
- सुशासन और जनभागीदारी
- ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना
- पंचायतों को अपनी जरूरत के अनुसार विकास योजनाएं बनाने की स्वतंत्रता
- उन्होंने इसे ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास की दिशा में ठोस कदम बताया।
125 दिन का रोजगार, 7 दिन में मजदूरी भुगतान
मंत्री उइके ने बताया कि योजना के तहत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार मिलेगा। मजदूरी की राशि 7 दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित राशि दी जाएगी।
ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड होगा जारी
योजना के अंतर्गत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अधिकारों की मांग के लिए एक वैध और मजबूत दस्तावेज होगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव आत्मनिर्भर बने और देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
केंद्र–राज्य की साझा भागीदारी
इस योजना में वित्तीय भागीदारी भी स्पष्ट की गई है—
- 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा
- 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी
- इस अवसर पर सिंगरौली विधायक Ram Niwas Shah और देवसर विधायक Rajendra Meshram भी उपस्थित रहे।




