वसुंधरा राजे ने महाकाल के दर पर टेका माथा, दर्शन कर मांगी सुख-समृद्धि
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में वसुंधरा राजे सिंधिया ने किए बाबा महाकाल के दर्शन। होली पर चंद्रग्रहण का असर नहीं, 2 और 3 मार्च को परंपरागत रूप से होगा होलिका दहन और गुलाल अर्पण।

उज्जैन. मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया दर्शन करने पहुंचीं। उन्होंने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और मंदिर की दर्शन व्यवस्था की सराहना की। दर्शन के बाद उन्होंने भगवान वीरभद्र और महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह में निकलने वाले ध्वज का पूजन भी किया। नंदी का पूजन कर बाबा महाकाल को जल अर्पित किया गया।
मंदिर प्रबंधन ने परंपरा अनुसार किया स्वागत
मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने वसुंधरा राजे सिंधिया का विधिवत स्वागत-सत्कार किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं और भगवान महाकाल का आशीर्वाद सभी पर बना रहता है। सुख-दुख हर परिस्थिति में भक्त भगवान शिव के चरणों में पहुंचते हैं। उन्होंने सुलभ दर्शन व्यवस्था की भी प्रशंसा की।
होली उत्सव पर ग्रहण का नहीं होगा कोई प्रभाव
इस वर्ष होली की तिथियों को लेकर चंद्रग्रहण के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन महाकालेश्वर मंदिर में इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। मंदिर प्रशासन ने 2 और 3 मार्च को परंपरागत रूप से होली मनाने का कार्यक्रम तय किया है।
बाबा महाकाल को अर्पित होगा गुलाल
मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, बाबा महाकाल के दरबार में ग्रहण का विशेष प्रभाव नहीं होता और ग्रहण काल में भी दर्शन व्यवस्था निरंतर जारी रहती है।
- 2 मार्च की शाम होली सजाई जाएगी
- सांध्य आरती में बाबा महाकाल को गुलाल अर्पित किया जाएगा
- शाम 7 बजे विधिवत होलिका दहन होगा
- 3 मार्च की भस्म आरती में प्रतिदिन की तरह पूजन-अर्चन होगा, लेकिन विशेष रूप से बाबा महाकाल को गुलाल अर्पित कर होली का पर्व मनाया जाएगा।
हर्बल गुलाल और शक्कर की माला से होगा श्रृंगार
परंपरा अनुसार संध्या आरती में बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा और शक्कर की माला चढ़ाई जाएगी। इसके बाद ओंकारेश्वर मंदिर के सामने विधिवत पूजन-अर्चन के साथ होलिका दहन किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्था का पालन करते हुए श्रद्धा और अनुशासन के साथ दर्शन करें।




