धर्म
वास्तु शास्त्र: सीढ़ियों के रंग से बदल सकती है घर की दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार सीढ़ियों का सही रंग घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि लाता है। जानें कौन से रंग शुभ हैं और किन रंगों से बचना चाहिए।

वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा और कोने का विशेष महत्व होता है, लेकिन सीढ़ियों को ऊर्जा के प्रवाह का प्रमुख माध्यम माना गया है। सीढ़ियां प्रगति, उन्नति और आगे बढ़ने का प्रतीक होती हैं। यदि इन पर गलत रंग का चुनाव किया जाए, तो न केवल घर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि मानसिक तनाव और आर्थिक असंतुलन जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सीढ़ियों के रंग का चयन सोच-समझकर करना आवश्यक है।
गहरे रंगों से क्यों बचें?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीढ़ियों पर काला, गहरा नीला, गहरा लाल या भूरा रंग नहीं करवाना चाहिए। गहरे रंग भारीपन और नकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं। इससे घर के वातावरण में उदासी और रुकावट का भाव आ सकता है, जो परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य, करियर और आर्थिक प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
सीढ़ियों के लिए 6 शुभ और सकारात्मक रंग
- क्रीम या ऑफ-व्हाइट: यह सादगी और पवित्रता का प्रतीक है। संकरी सीढ़ियों को भी यह रंग खुला और हवादार दिखाता है।
- हल्का पीला: पीला रंग गुरु तत्व से जुड़ा माना जाता है। यह ज्ञान, सकारात्मकता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देता है।
- हल्का हरा: विकास और प्रकृति का प्रतीक हरा रंग पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा की सीढ़ियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
- हल्का नीला: यह रंग शांति और स्थिरता का प्रतिनिधित्व करता है। मानसिक तनाव कम करने और घर के माहौल को संतुलित रखने में सहायक होता है।
- हल्का गुलाबी: प्रेम और सौहार्द का प्रतीक यह रंग परिवार के सदस्यों के बीच मधुर संबंध बनाए रखने में मदद करता है।
- बेज या सैंडी टोन: यह रंग पृथ्वी तत्व को संतुलित करता है और सीढ़ियों को आधुनिक, शांत और सौम्य लुक देता है।




