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घर में पॉजिटिव वाइब्स चाहिए? इन रंगों के पर्दे बदल देंगे किस्मत

वास्तु शास्त्र के अनुसार पर्दों के सही रंग घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाते हैं। जानिए दिशा और कमरे के अनुसार पर्दों का सही रंग चयन करने के वास्तु नियम।

वास्तु शास्त्र में घर की हर छोटी-बड़ी वस्तु का अपना विशेष महत्व होता है। अक्सर लोग दीवारों के रंग और फर्नीचर पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन पर्दों को केवल सजावटी वस्तु समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि वास्तु के अनुसार पर्दे सिर्फ धूप को रोकने का काम नहीं करते, बल्कि घर में ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। सही दिशा में सही रंग के पर्दे लगाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं, वास्तु के अनुसार पर्दों के रंगों का चयन कैसे करें।

दिशा के अनुसार पर्दों के रंगों का चुनाव

वास्तु शास्त्र पंचतत्वों पर आधारित है और हर दिशा का अपना प्रतिनिधि तत्व व रंग होता है।

पूर्व दिशा

  • पूर्व दिशा सूर्य से संबंधित होती है, जो विकास और सामाजिक संबंधों का प्रतीक है।
  • यहां हरे या हल्के नीले रंग के पर्दे शुभ माने जाते हैं।
  • हरा रंग ताजगी और तरक्की का संकेत देता है, जिससे पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बनी रहती है।

पश्चिम दिशा

  • यह दिशा लाभ और उपलब्धियों की मानी जाती है।
  • यहां सफेद, सुनहरा या पीला रंग सबसे उपयुक्त रहता है।
  • सफेद रंग शांति और संतुलन लाता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

उत्तर दिशा

  • उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा जाता है, जो धन और करियर से जुड़ी होती है।
  • यहां नीले या आसमानी रंग के पर्दे लगाना श्रेष्ठ माना जाता है।
  • नीला रंग जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और धन के नए अवसर खोलता है।

दक्षिण दिशा

  • दक्षिण दिशा अग्नि तत्व और यश से जुड़ी होती है।
  • यहां लाल, नारंगी या गुलाबी रंग के पर्दे शुभ होते हैं।
  • ये रंग आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और घर के मुखिया के मान-सम्मान में वृद्धि करते हैं।

कमरों के अनुसार पर्दों का चयन

ड्राइंग रूम

  • यह स्थान मेहमानों के स्वागत और पारिवारिक मेल-मिलाप का केंद्र होता है।
  • यहां क्रीम, हल्का पीला या भूरा रंग उपयुक्त रहता है।
  • ये रंग स्थिरता, शांति और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।

बेडरूम

  • अच्छी नींद और दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए
  • गुलाबी, हल्का बैंगनी या पीच रंग के पर्दे लगाएं।
  • बेडरूम में लाल रंग से बचना चाहिए, क्योंकि यह उग्रता बढ़ा सकता है।

पूजा घर

  • पूजा स्थान में शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का होना आवश्यक है।
  • यहां पीले या केसरिया रंग के पर्दे सबसे शुभ माने जाते हैं।
  • पीला रंग ज्ञान, शांति और एकाग्रता का प्रतीक है।

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