सफर से पहले जरूरी खबर: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में टिकट रद्द करने के ये हैं सख्त नियम
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के टिकट कैंसिलेशन नियमों में बड़ा बदलाव। अब तय समय के बाद टिकट रद्द करने पर 25% से 100% तक कटौती। RAC सुविधा नहीं, जानें नए नियम।

हाल ही में नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी के बीच चलने वाली यह ट्रेन करीब 14 घंटे में अपनी यात्रा पूरी करेगी। इस नई प्रीमियम सेवा के साथ भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो यात्रियों की जेब पर सीधा असर डाल सकता है।
टिकट कैंसिलेशन पर कितना कटेगा पैसा?
रेलवे की नई गाइडलाइन के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर अब समय-सीमा के आधार पर प्रतिशत में कटौती होगी:
- किसी भी समय टिकट कैंसिल करने पर: न्यूनतम 25% राशि कटौती
- ट्रेन के डिपार्चर से 72 घंटे से 8 घंटे पहले तक: किराए का 50% कटेगा
- डिपार्चर से 8 घंटे से कम समय पहले: कोई रिफंड नहीं मिलेगा
- यानी देरी से टिकट कैंसिल करना अब यात्रियों के लिए महंगा साबित होगा।
क्यों बदले गए कैंसिलेशन नियम?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन चार्ट अब ट्रेन के चलने से 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा।
पहले यह प्रक्रिया 4 घंटे पहले होती थी। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए कैंसिलेशन पॉलिसी को सख्त बनाया गया है, ताकि अंतिम समय में सीटें खाली न रहें।
बाकी ट्रेनों से कैसे अलग है यह नियम?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के नियम आम ट्रेनों और मौजूदा वंदे भारत चेयर कार ट्रेनों से अलग हैं:
सामान्य ट्रेनों में तय समय से पहले टिकट कैंसिल करने पर फ्लैट चार्ज लिया जाता है
- फर्स्ट एसी: ₹240
- सेकंड एसी: ₹200
- थर्ड एसी: ₹180
- स्लीपर: ₹120
- सेकंड क्लास: ₹60
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में फ्लैट चार्ज नहीं, बल्कि प्रतिशत के आधार पर कटौती होगी
इससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ अधिक पड़ सकता है
नहीं मिलेगी RAC की सुविधा
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे।
इन ट्रेनों में RAC (Reservation Against Cancellation) की सुविधा नहीं होगी। इसी कारण टिकट कैंसिलेशन के नियमों को और सख्त बनाया गया है।
कौन-कौन से कोटे होंगे लागू?
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में सिर्फ चुनिंदा कोटे ही मान्य होंगे:
- महिला कोटा
- दिव्यांग यात्री कोटा
- वरिष्ठ नागरिक कोटा
- ड्यूटी पास कोटा
इसके अलावा किसी अन्य प्रकार का आरक्षण लागू नहीं होगा। साथ ही, इन ट्रेनों के लिए न्यूनतम चार्जेबल दूरी 400 किलोमीटर तय की गई है।




