चारधाम यात्रा में बड़ा बदलाव: मोबाइल उपयोग को लेकर सरकार ने जारी किया नया आदेश
उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध। पंजीकरण व्यवस्था यथावत, स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत।

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की पवित्रता, अनुशासन और श्रद्धालुओं की एकाग्रता बनाए रखने के लिए इस वर्ष एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन का प्रवेश वर्जित रहेगा। हाल के वर्षों में रील और ब्लॉग बनाने से जुड़े विवादों तथा दर्शन के दौरान होने वाले व्यवधानों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
मंदिर की मर्यादा पहली प्राथमिकता
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। आयुक्त ने बताया कि बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिर परिसरों में भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं के मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए मंदिर समितियों और प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी।
पंजीकरण व्यवस्था यथावत, स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी, जिसमें 60 प्रतिशत ऑफलाइन और 40 प्रतिशत ऑनलाइन कोटा निर्धारित है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए:
- डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी
- एयर एंबुलेंस की सुविधा
- आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा
- इसके अलावा, सभी संबंधित विभागों को 31 मार्च तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की संभावना, प्रशासन अलर्ट
पिछले वर्ष चारधाम यात्रा में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस वर्ष भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन “सुगम और सुरक्षित यात्रा” के लक्ष्य पर केंद्रित है और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।




