ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: योगी सरकार ने 23 लाख से ज्यादा महिलाओं को जोड़ा आजीविका से
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का वूमन-लीड ग्रोथ मॉडल: 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार, 32 हजार महिला मेट्स, 97% समय पर भुगतान और मजबूत होती ग्रामीण अर्थव्यवस्था।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अब केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव महिला नेतृत्व को तैयार कर रही है। रोजगार गारंटी व्यवस्था के जरिए महिलाओं को प्रबंधन और निगरानी की भूमिका में लाकर प्रदेश ने ग्रामीण विकास की नई दिशा तय की है। मानव दिवस सृजन में महिलाओं की सहभागिता 43 प्रतिशत तक पहुंचना इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
23 लाख से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार
वित्तीय वर्ष 2025–26 में उत्तर प्रदेश ने ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर सरकार ने लाखों परिवारों को स्थायी आर्थिक सहारा दिया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ने के साथ-साथ उनका सामाजिक और आर्थिक आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।
महिला नेतृत्व को मिला नया मंच
योगी सरकार की नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक 32 हजार से अधिक महिला मेट्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये महिलाएं गांवों में कार्यों की निगरानी, श्रमिकों की हाजिरी और प्रबंधन संभाल रही हैं। सरकार ने 111 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे महिला मेट्स के बैंक खातों में ट्रांसफर की है, जिससे पारदर्शिता और भरोसे में इजाफा हुआ है।
स्वयं सहायता समूह बने सशक्तिकरण की रीढ़
महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर मेट के रूप में चुना जा रहा है। इससे गांवों में नेतृत्व क्षमता और प्रबंधन कौशल का तेजी से विकास हो रहा है और महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
समय पर भुगतान से बढ़ा भरोसा
रोजगार गारंटी व्यवस्था में पारदर्शिता का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय पर भुगतान किया गया। यह दर्शाता है कि व्यवस्था अब भरोसेमंद हो चुकी है और श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है।
गांवों में बने आय के नए स्रोत
प्रदेश में ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत अब तक 6703 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इससे विकास कार्यों को गति मिली है, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पलायन पर प्रभावी रोक लगी है। अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को प्राथमिकता देकर समावेशी विकास को भी मजबूती दी गई है।
मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर
योगी सरकार की यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में सामाजिक परिवर्तन की मिसाल बन रही है। रोजगार से लेकर नेतृत्व तक महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई यह नीति उत्तर प्रदेश को वूमन-लीड ग्रोथ मॉडल के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रही है।




