सेफ्टी से स्पीड तक: मुख्यमंत्री का निवेशकों को फुल-अश्योरेंस प्लान
उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। फार्मा सेक्टर को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम “उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर निवेशक को ट्रिपल-एस—सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी देती है और उत्तर प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है।
रूल ऑफ लॉ की मजबूती से लौटा निवेशकों का विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू है। कानून से खिलवाड़ करने की किसी को अनुमति नहीं है। जो कानून को चुनौती देता है, उसे कानून के दायरे में लाकर उसी की भाषा में जवाब दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां व्यवस्था कमजोर नहीं, बल्कि निर्णायक है।
अराजकता से विश्वास तक का सफर
सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश असुरक्षा और अराजकता का पर्याय बन चुका था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच 900 से अधिक दंगे हुए, लगभग हर शहर में कर्फ्यू लगता था और उद्योगों से गुंडा टैक्स वसूला जाता था। असुरक्षा के कारण उद्योग पलायन कर रहे थे और युवा वर्ग रोजगार के लिए प्रदेश छोड़ने को मजबूर था। आज यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
जीरो टॉलरेंस नीति से बनी निवेश की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सौंपे गए दायित्व के बाद सरकार की पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना थी। जीरो टॉलरेंस नीति के चलते आज प्रदेश में दंगे, फिरौती और गुंडा टैक्स जैसी समस्याएं समाप्त हो चुकी हैं। शांति, सुरक्षा और स्थिरता ही निवेश की सबसे मजबूत बुनियाद है।
डी-रेगुलेशन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नंबर वन
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में पहले स्थान पर है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य अधिनियमों से आपराधिक प्रावधान हटाए गए हैं। एमएसएमई सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। सरकार उद्योगों को डराने नहीं, बल्कि सुविधा देने के सिद्धांत पर काम कर रही है।
14 हजार से 30 हजार फैक्ट्रियों तक की छलांग
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में जहां लगभग 14 हजार फैक्ट्रियां थीं, वहीं आज इनकी संख्या 30 हजार से अधिक हो चुकी है। अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 20 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और कई परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो गया है।
फार्मा सेक्टर को बनाया जा रहा वैश्विक हब
- मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क
- गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस-एफडीए टेस्टिंग लैब और लॉजिस्टिक्स हब
- लखनऊ में वर्ल्ड-क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट
- बरेली सहित अन्य जिलों में नए फार्मा पार्क
- इन परियोजनाओं से यूपी को वैश्विक फार्मा मानचित्र पर मजबूत पहचान मिलेगी।
लोकल से ग्लोबल बना यूपी का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के माध्यम से यूपी ने लोकल को ग्लोबल बनाने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। आज देश के 55% मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और 60% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। बेहतर एक्सप्रेसवे नेटवर्क, मेट्रो सेवाएं, इनलैंड वाटरवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी ने प्रदेश को लॉजिस्टिक हब बना दिया है।
निवेशकों को सरकार का पूर्ण समर्थन
सीएम योगी ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध इंसेंटिव सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और विकसित भारत के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जेपी नड्डा का संदेश: यूपी बनेगा ग्लोबल फार्मा हब
कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने वीडियो संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूती देने वाला प्रमुख राज्य बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग फार्मा पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मास्यूटिकल नीति-2023, यूपी को विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर रही हैं।




