डिजिटल भारत को रफ्तार: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में यूपी की बढ़ती ताकत
ईसीएमएस योजना के तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश के 4 प्रोजेक्ट्स मंजूर। ₹41,863 करोड़ निवेश और 33,791 रोजगार की संभावना से यूपी बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब।

लखनऊ. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेज़ी से देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तीसरे चरण में स्वीकृत 22 प्रस्तावों में उत्तर प्रदेश के 4 आवेदन शामिल होना राज्य के बदले हुए औद्योगिक परिदृश्य को दर्शाता है।
41,863 करोड़ के निवेश और 33,791 नौकरियों की संभावना
ईसीएमएस योजना के तहत देशभर के 11 राज्यों को परियोजनाओं की मंजूरी मिली है। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से ₹41,863 करोड़ के अनुमानित निवेश और 33,791 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रदेश के युवाओं को मिलेगा।
नीतियों और कानून-व्यवस्था से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
योगी सरकार ने बीते वर्षों में निवेश-अनुकूल माहौल को मजबूती देने पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2017 में अधिसूचित उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी 2025 के जरिए राज्य ने वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियां और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते उत्तर प्रदेश आज इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है।
देश का अग्रणी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बना यूपी
उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश का अग्रणी मोबाइल विनिर्माण केंद्र बन चुका है। राज्य में देश के 55% से अधिक स्मार्टफोन और करीब 50–60% मोबाइल कंपोनेंट्स का उत्पादन हो रहा है। ईसीएमएस के तहत स्थापित होने वाली नई इकाइयां इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करेंगी और आयात पर निर्भरता घटाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावाZ
ईसीएमएस परियोजनाओं के तहत प्रदेश में पीसीबी, डिस्प्ले मॉड्यूल, लिथियम-आयन सेल और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल मोबाइल और आईटी हार्डवेयर इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश में हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार भी होगा।
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में यूपी की अहम भूमिका
योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी योगदानकर्ता राज्य बनाना है। इसी सोच के तहत निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया गया है। ईसीएमएस के तहत मिली स्वीकृति इस भरोसे को और पुख्ता करती है कि उत्तर प्रदेश निवेश के लिए सुरक्षित और लाभकारी राज्य है।
ईएसडीएम सेक्टर में 200 से अधिक कंपनियां सक्रिय
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) सेक्टर से जुड़ी 200 से अधिक कंपनियां कार्यरत हैं। इनमें Vivo, Oppo, Samsung, Lava, Haier और LG जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ-साथ Holitech, Transsion, Jahwa, Sunwoda और Samkwang जैसे प्रमुख कंपोनेंट सप्लायर शामिल हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित की हैं।




