धर्म

कछुए की अंगूठी: लाभ से पहले जानें नुकसान, इन राशियों पर पड़ता है बुरा असर

कछुए वाली अंगूठी पहनने के फायदे, सही धातु, दिशा और नियम जानें। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार यह अंगूठी धन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है।

आजकल कछुए वाली अंगूठी केवल फैशन स्टेटमेंट नहीं रही, बल्कि वास्तु और ज्योतिष में इसे भाग्य और आर्थिक स्थिरता से जोड़ा जाता है। कछुए को भगवान विष्णु के कूर्म अवतार का प्रतीक माना गया है, इसलिए इसे धारण करने से पहले इसके नियम और विधि जानना आवश्यक है।

कछुए वाली अंगूठी पहनने के प्रमुख लाभ

आर्थिक समृद्धि: शास्त्रों के अनुसार कछुआ मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है। कछुए की अंगूठी पहनने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और आय के नए स्रोत बनने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन : कछुआ धैर्य, स्थिरता और शांति का प्रतीक है। इसे धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, मन शांत रहता है और तनाव में कमी आती है।

सकारात्मक ऊर्जा का संचार: यह अंगूठी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन में सकारात्मकता, सुख और शांति को आकर्षित करती है।

किस धातु में पहनें कछुए की अंगूठी?

धातु का चयन आपकी राशि और कुंडली के प्रभाव पर निर्भर करता है:

  • चांदी: वास्तु शास्त्र में सबसे उत्तम मानी जाती है। यह मन को शांत रखती है और शुभ फल प्रदान करती है।
  • सोना या तांबा: कुंडली की अनुकूलता होने पर इन धातुओं में भी अंगूठी बनवाई जा सकती है, हालांकि चांदी को सबसे प्रभावशाली माना गया है।

पहनने की सही दिशा और विधि

कछुए का मुख: अंगूठी पहनते समय ध्यान रखें कि कछुए का मुख हमेशा पहनने वाले की ओर (अंदर की तरफ) हो। इससे धन और समृद्धि आपकी ओर आकर्षित होती है। यदि मुख बाहर की ओर हो, तो धन के अनावश्यक व्यय की संभावना बढ़ सकती है।

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