सख्त वीज़ा नियम, बढ़ती अनिश्चितता: ट्रंप फैसलों ने भारतीय प्रवासियों को किया सतर्क
ट्रंप प्रशासन के सख्त वीज़ा और इमिग्रेशन नियमों से अमेरिका में अप्रवासियों में डर का माहौल। KFF-NYT सर्वे में खुलासा, भारतीय H-1B वीज़ा धारकों पर सबसे ज्यादा असर।

वॉशिंगटन. अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लागू की गई सख्त इमिग्रेशन नीतियों का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। वीज़ा और इमिग्रेशन पर पाबंदियों को लेकर ट्रंप प्रशासन के कड़े कदमों ने भारतीय प्रवासियों समेत अप्रवासियों के मन में डर भर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई लोग घर से बाहर निकलने और यात्रा करने तक से कतराने लगे हैं।
सर्वे में खुलासा: 27% अप्रवासियों ने यात्रा छोड़ी
काइज़र फैमिली फाउंडेशन (KFF) और न्यूयॉर्क टाइम्स के 2025 सर्वे के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले लगभग 27 प्रतिशत अप्रवासियों ने जानबूझकर यात्रा करना बंद कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों की सख्त निगरानी के चलते लोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से बच रहे हैं।
वैध वीज़ा और नागरिकता वालों में भी खौफ
चिंताजनक बात यह है कि डर केवल अवैध अप्रवासियों तक सीमित नहीं है।
- 32% वैध वीज़ा धारकों
- 15% प्राकृतिक नागरिकता प्राप्त लोगों ने भी यात्रा करना कम या बंद कर दिया है।
इन लोगों को आशंका है कि कहीं उन्हें हिरासत में लेकर डिपोर्ट न कर दिया जाए। वहीं बिना दस्तावेज वाले करीब 63% अप्रवासी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की यात्राओं से दूरी बनाए हुए हैं।
एयरपोर्ट पर बढ़ी सख्ती, ICE को मिल रहा डेटा
- रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के तहत एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है।
- ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) अब घरेलू उड़ानों से जुड़े यात्री डेटा, जैसे पैसेंजर मैनिफेस्ट, इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के साथ साझा कर रहा है।
- इसका उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जो कथित तौर पर गैर-कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे हों।
भारतीय वीज़ा धारकों पर सबसे ज्यादा असर
- इन नीतियों का सबसे ज्यादा असर भारतीय H-1B और H-4 वीज़ा धारकों पर पड़ा है।
- टेक्सास में रहने वाली 30 वर्षीय भारतीय आईटी प्रोफेशनल शिखा एस. ने दो साल बाद भारत आने का प्लान बनाया था, लेकिन H-1B प्रोफेशनल्स की अतिरिक्त जांच और अपॉइंटमेंट में देरी की खबरों के बाद उन्हें यात्रा टालनी पड़ी।
- शिखा के पिता ने बताया कि परिवार ने एहतियातन उन्हें गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।
H-1B और H-4 वीज़ा नियमों में बदलाव
जुलाई से ट्रंप प्रशासन ने H-1B और H-4 वीज़ा से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए हैं—
- रिमोट वीज़ा रिन्यूअल खत्म
- नई और ज्यादा फीस
- सोशल मीडिया स्क्रीनिंग अनिवार्य
इन बदलावों के चलते कई भारतीय प्रोफेशनल्स फंस गए हैं। इमिग्रेशन वकीलों के साथ-साथ Microsoft और Google जैसी बड़ी कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को गैर-जरूरी विदेश यात्रा से बचने की सलाह दी है।




