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ट्रंप के बोर्ड में PM मोदी की एंट्री? ‘बोर्ड ऑफ पीस’ सदस्यता की फीस जानकर चौंकेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता दिया है। जानिए यह बोर्ड क्या है, भारत के लिए इसके मायने और किन देशों को मिला आमंत्रण।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे मध्य पूर्व में शांति बहाली और वैश्विक संघर्षों के समाधान की दिशा में एक ऐतिहासिक और साहसिक पहल बताया है। इस निमंत्रण के बाद भारत के लिए इसके कूटनीतिक, रणनीतिक और वैश्विक प्रभावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?

‘बोर्ड ऑफ पीस’ की घोषणा गाजा पट्टी में Israel और Hamas के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत की गई है।

अमेरिका इस बोर्ड को गाजा और उसके आसपास शांति, स्थिरता और पुनर्निर्माण के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में पेश कर रहा है। इस बोर्ड की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होंगे:

  • गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शासन व्यवस्था की निगरानी
  • अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण का समन्वय
  • सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े फैसलों पर नजर
  • अटकलें हैं कि भविष्य में यह बोर्ड अन्य वैश्विक संघर्ष क्षेत्रों में भी भूमिका निभा सकता है।

भारत के लिए इस न्योते के क्या मायने?

  • इस बोर्ड की अध्यक्षता खुद राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे।
  • भारत यदि न्योता स्वीकार करता है तो वह तीन साल के लिए बोर्ड का सदस्य बनेगा।
  • शुरुआती तीन वर्षों में किसी प्रकार का आर्थिक योगदान अनिवार्य नहीं होगा।
  • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थायी सदस्यता के लिए प्रत्येक देश को लगभग 1 बिलियन डॉलर का योगदान करना पड़ सकता है।

बोर्ड के सदस्य देश गाजा में अगले चरण के युद्धविराम के बाद:

  • नई फिलिस्तीनी समिति के गठन
  • अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती
  • हमास के निरस्त्रीकरण
  • गाजा के पुनर्निर्माण जैसी गतिविधियों की निगरानी करेंगे।

पीएम मोदी को लिखा गया ट्रंप का पत्र

  • राष्ट्रपति ट्रंप का यह पत्र भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया।
  • ट्रंप ने पत्र में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी को मध्य पूर्व में शांति बहाल करने के एक ऐतिहासिक प्रयास और वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए नए दृष्टिकोण का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करना उनके लिए सम्मान की बात है।
  • राजदूत गोर ने कहा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ गाजा में स्थायी शांति, प्रभावी शासन और समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगा।

किन देशों को मिला है न्योता?

भारत के अलावा इस बोर्ड में शामिल होने के लिए जिन देशों को आमंत्रण भेजा गया है, उनमें शामिल हैं:

  • इजरायल
  • मिस्र
  • तुर्की
  • कतर
  • पाकिस्तान
  • कनाडा
  • अर्जेंटीना सहित करीब 50 देश।

बोर्ड के सदस्यों की आधिकारिक सूची की घोषणा आने वाले दिनों में दावोस में होने वाले World Economic Forum की बैठक के दौरान होने की संभावना है।

कार्यकारी समिति में कौन-कौन शामिल?

व्हाइट हाउस ने बोर्ड के विजन को लागू करने के लिए एक कार्यकारी समिति की भी घोषणा की है, जिसमें शामिल हैं:

  • अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio
  • ट्रंप के विशेष दूत Steve Witkoff
  • Jared Kushner
  • ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Tony Blair
  • Ajay Banga
  • उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Robert Gabriel

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