सिडनी में खुलेआम फायरिंग से हड़कंप, एक शख्स की हालत नाज़ुक
सिडनी के लालोर पार्क में घर पर हुई गोलीबारी में 46 वर्षीय व्यक्ति गंभीर रूप से घायल। एनएसडब्ल्यू पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी की अपील। बोंडी बीच हमले के बाद बढ़ी सतर्कता के बीच घटना।

सिडनी. ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) में सिडनी के पश्चिमी इलाके सिडनी के लालोर पार्क में शनिवार देर रात एक घर पर गोलीबारी की घटना सामने आई है। न्यू साउथ वेल्स पुलिस के अनुसार, इस हमले में 46 वर्षीय एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद हमलावर गाड़ी से फरार हो गए।
घटना का विवरण
पुलिस ने बताया कि शनिवार रात करीब 11:35 बजे (स्थानीय समय) गोलीबारी की सूचना मिलते ही इमरजेंसी सेवाओं को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अज्ञात लोगों ने एक घर पर कई राउंड फायरिंग की, जिससे एक व्यक्ति को गोली लगी।
घायल को एनएसडब्ल्यू एम्बुलेंस के पैरामेडिक्स ने मौके पर प्राथमिक उपचार दिया और फिर स्थिर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, हालांकि उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
जांच और अपील
पुलिस ने इलाके को घेरकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। आसपास के निवासियों और कारोबारियों से सीसीटीवी फुटेज और किसी भी प्रासंगिक जानकारी साझा करने की अपील की गई है।
पिछली घटनाओं के संदर्भ में बढ़ी सतर्कता
पिछले वर्ष बोंडी बीच में हुए आतंकी हमले के बाद सिडनी पहले से ही हाई अलर्ट पर है। उसी पृष्ठभूमि में, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने यहूदी-विरोध और सामाजिक एकता से जुड़े मुद्दों पर रॉयल कमीशन गठित करने की घोषणा की थी।
रॉयल कमीशन की घोषणा
कैनबरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री अल्बानीज ने कहा कि यह आयोग—ऑस्ट्रेलिया में जांच का सबसे बड़ा रूप—पूर्व हाई कोर्ट जस्टिस वर्जीनिया बेल के नेतृत्व में कार्य करेगा और दिसंबर के मध्य तक रिपोर्ट सौंपेगा।
आयोग यहूदी-विरोध की प्रकृति व प्रसार की जांच करेगा, कानून प्रवर्तन के लिए सिफारिशें देगा, बोंडी बीच हमले से जुड़े हालात की समीक्षा करेगा और सामाजिक एकता को मजबूत करने के उपाय सुझाएगा।
बोंडी बीच हमला और कानूनी सख्ती
अधिकारियों के अनुसार, बोंडी बीच हमले का एकमात्र जीवित बचे कथित हमलावर पर 59 आरोप, जिनमें 15 हत्याएं शामिल हैं, लगाए गए हैं और यह हमला कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित था। दिसंबर में एनएसडब्ल्यू संसद ने इस घटना के बाद सख्त बंदूक और विरोध-प्रदर्शन कानून भी पारित किए थे।




