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NCP में बड़ा फैसला: सुनेत्रा पवार चुनी गईं विधायक दल की नेता

एनसीपी (अजित पवार गुट) ने सुनेत्रा पवार को विधायक दल नेता चुना। सर्वसम्मति के फैसले के साथ उनके महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।

मुंबई. सुनेत्रा पवार को एनसीपी (अजित पवार गुट) की विधायक दल बैठक में सर्वसम्मति से पार्टी का नया नेता चुन लिया गया है। इस फैसले के साथ ही आज ही उनके महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल ने रखा, जिसे उपस्थित विधायकों और नेताओं का व्यापक समर्थन मिला।

विधान भवन में सर्वसम्मति से हुआ चयन

राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंचीं सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता बनाए जाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक की शुरुआत दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। शोक प्रस्ताव पार्टी नेता सुनील तटकरे ने रखा, जिसके बाद नेतृत्व परिवर्तन का प्रस्ताव सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

औपचारिक पत्र सौंपने की प्रक्रिया पूरी

सुनेत्रा पवार के चयन के बाद एनसीपी (अजित गुट) की ओर से सभी विधायकों के हस्ताक्षर युक्त एक औपचारिक पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। यह पत्र नेतृत्व परिवर्तन की आधिकारिक सूचना देगा और पार्टी की एकजुटता व समर्थन को प्रमाणित करेगा। इससे सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया और मजबूत हो गई है।

शरद पवार का बयान: ‘परिवार में कोई समस्या नहीं’

जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या उन्हें परिवार के सदस्य के तौर पर इस निर्णय की जानकारी दी गई थी, तो उन्होंने कहा,
“अगर परिवार पर कोई विपदा आती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है।”

सभी विधायक बैठक में मौजूद, एकजुटता का संदेश

अब तक अनुपस्थित रहे विधायक अशुतोष काळे भी विधान भवन पहुंच गए, जिसके साथ ही एनसीपी (अजित पवार गुट) के सभी विधायक बैठक में मौजूद रहे। इसे पार्टी के भीतर एकजुटता और स्थिर नेतृत्व के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण

अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। शरद पवार द्वारा बातचीत फिर शुरू करने के संकेत और पार्थ पवार की हालिया गतिविधियों को पार्टी और परिवार के बीच जारी संवाद का संकेत माना जा रहा है। विधायक दल की बैठक में लिए गए फैसले को एनसीपी की नई राजनीतिक दिशा और रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

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