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स्पाइनल अर्थराइटिस: समय पर पहचान जरूरी, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

स्पाइनल अर्थराइटिस क्या है, इसके कारण, लक्षण, जांच और इलाज। जानें कैसे गर्दन और कमर के लंबे दर्द की वजह बनती है रीढ़ की गठिया।

रीढ़ की हड्डी का अर्थराइटिस वास्तव में गर्दन और निचले हिस्से की रीढ़ में मौजूद जोड़ों और डिस्क के उपास्थि (कार्टिलेज) के धीरे-धीरे घिसने की समस्या है। इसके कारण व्यक्ति को लंबे समय तक गर्दन या कमर में दर्द और अकड़न बनी रहती है। आमतौर पर यह बीमारी बढ़ती उम्र से जुड़ी मानी जाती है, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण अब युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।

गठिया का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के दिमाग में घुटने या कूल्हे के जोड़ आते हैं, जबकि रीढ़ की हड्डी भी अर्थराइटिस से प्रभावित हो सकती है। रीढ़ के जोड़ों में विकार आने पर इस स्थिति को स्पाइनल अर्थराइटिस कहा जाता है, जिसमें सबसे ज्यादा असर गर्दन (सर्वाइकल स्पाइन) पर पड़ता है।

क्या है स्पाइनल अर्थराइटिस

स्पाइनल अर्थराइटिस में रीढ़ की हड्डी के जोड़ों और डिस्क के बीच मौजूद उपास्थि कमजोर होकर टूटने लगती है। इससे गर्दन या कमर में लगातार दर्द, जकड़न और मूवमेंट में परेशानी होने लगती है। यह समस्या उम्र के साथ बढ़ती है, लेकिन गलत पॉश्चर और फिजिकल स्ट्रेस के कारण कम उम्र में भी देखने को मिल रही है।

स्पाइनल अर्थराइटिस के मुख्य कारण

कम उम्र में स्पाइनल अर्थराइटिस होने के पीछे कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं, जैसे—

  • रीढ़ या जोड़ों में पुरानी चोट
  • उपास्थि में आनुवंशिक दोष
  • अत्यधिक वजन या मोटापा
  • मोबाइल पर झुककर लंबे समय तक बात करना
  • कंप्यूटर पर गलत पॉश्चर में घंटों काम करना
  • शारीरिक गतिविधि की कमी

लक्षणों से ऐसे करें पहचान

स्पाइनल अर्थराइटिस के लक्षणों के आधार पर इसे आसानी से पहचाना जा सकता है—

  • गर्दन और पीठ में लगातार दर्द व अकड़न
  • सुबह उठते समय ज्यादा स्टिफनेस महसूस होना
  • दिन में थोड़ी राहत और शाम तक फिर दर्द बढ़ना
  • झुकने, घूमने या भारी काम करने में परेशानी
  • रोजमर्रा की फिजिकल एक्टिविटी में दिक्कत

जरूरी जांच और परीक्षण

स्पाइनल अर्थराइटिस की पुष्टि के लिए डॉक्टर कई तरह की जांच कर सकते हैं—

  • एक्स-रे: हड्डियों में डैमेज, बोन स्पर्स और डिस्क की स्थिति जानने के लिए
  • एमआरआई: डिस्क और सॉफ्ट टिश्यू की क्षति का पता लगाने के लिए
  • ब्लड टेस्ट: अन्य कारणों को बाहर करने के लिए
  • मेडिकल हिस्ट्री और फिजिकल एग्ज़ामिनेशन

स्पाइनल अर्थराइटिस का इलाज और देखभाल

इस बीमारी में दर्द को कम करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी है—

  • वजन को नियंत्रित रखें, मोटापा कम करें
  • नियमित हल्का व्यायाम और स्ट्रेचिंग अपनाएं
  • सही पॉश्चर में बैठने और काम करने की आदत डालें
  • पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें
  • बिना दवा के इलाज में मसाज, एक्यूपंक्चर, हीट और कोल्ड कंप्रेस मददगार हो सकते हैं
  • ट्रांसक्यूटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टिमुलेशन (TENS) थेरेपी से भी राहत मिल सकती है

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