हॉकी इंडिया का बड़ा फैसला, शोर्ड मारिन होंगे महिला टीम के नए मुख्य कोच
भारतीय महिला हॉकी टीम को मिला नया कोच। शोर्ड मारिन की वापसी, टोक्यो ओलंपिक के बाद फिर संभालेंगे कमान, वर्ल्ड कप क्वालिफायर होगी पहली बड़ी चुनौती।
नई दिल्ली. शोर्ड मारिन को एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। टोक्यो ओलंपिक में मारिन की कोचिंग में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया था और दुनियाभर के खेल प्रेमियों का दिल जीता था।
वापसी पर क्या बोले शोर्ड मारिन
मुख्य कोच नियुक्त होने के बाद शोर्ड मारिन ने कहा, “वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। 4.5 साल बाद मैं फिर से टीम के विकास में योगदान देने और खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलने का आत्मविश्वास और अवसर देने के लक्ष्य के साथ लौटा हूं।”
पहले भी संभाल चुके हैं टीम की कमान
शोर्ड मारिन वर्ष 2017 से 2021 तक भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं। उनकी कोचिंग में ही टीम ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। नीदरलैंड्स के रहने वाले मारिन 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे। इसके बाद 19 जनवरी से साई बेंगलुरु में नेशनल कोचिंग कैंप शुरू होगा।
पहली बड़ी चुनौती: वर्ल्ड कप क्वालिफायर
हेड कोच के रूप में शोर्ड मारिन की पहली बड़ी परीक्षा हैदराबाद में होने वाला महिला हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर होगा। यह टूर्नामेंट 8 से 14 मार्च 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा, जहां भारतीय टीम को कड़ी चुनौती का सामना करना होगा।
हॉकी इंडिया अध्यक्ष का बयान
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने कहा, “हम शोर्ड मारिन और पूरे सपोर्ट स्टाफ का इंडियन हॉकी परिवार में स्वागत करते हैं। हम खेल मंत्रालय और साई के आभारी हैं, जिन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई ताकि वर्ल्ड कप क्वालिफायर की तैयारियों में कोई बाधा न आए।” उन्होंने आगे कहा कि टीम की फिटनेस पर विशेष जोर दिया जाएगा, जो टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन का अहम कारण रही थी।
मजबूत सपोर्ट स्टाफ भी लौटा
शोर्ड मारिन को एनालिटिकल कोच के तौर पर मटियास विला का सहयोग मिलेगा। वहीं, डॉ. वेन लोम्बार्ड साइंटिफिक एडवाइजर और एथलेटिक परफॉर्मेंस हेड के रूप में कोचिंग सेटअप में लौट रहे हैं। उन्हें रोडेट यिला और सियारा यिला का सहयोग मिलेगा। मटियास विला अर्जेंटीना के पूर्व मिडफील्डर हैं, जिन्होंने सिडनी (2000) और एथेंस (2004) ओलंपिक में हिस्सा लिया और लगभग दो दशकों से कोचिंग से जुड़े हैं।




