सत्ता, परिवार और सजा: चुनाव से पहले शेख हसीना केस ने बढ़ाया राजनीतिक तापमान
बांग्लादेश चुनाव से पहले बड़ा झटका। ढाका की अदालत ने शेख हसीना को सरकारी भूमि आवंटन से जुड़े दो भ्रष्टाचार मामलों में कुल 10 साल की जेल की सजा सुनाई।

ढाका. बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से ठीक पहले एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। ढाका की एक अदालत ने सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को सरकारी आवास परियोजना में भूमि आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं के दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में कुल 10 साल की कैद की सजा सुनाई।
प्रत्येक मामले में 5-5 साल की सजा
ढाका विशेष न्यायाधीश न्यायालय-4 के न्यायाधीश रबीउल आलम ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोनों मामलों में शेख हसीना को पांच-पांच साल की कैद दी जाती है। इस तरह कुल सजा 10 वर्ष की हुई।
परिजनों और अन्य आरोपियों को भी सजा
- अदालती आदेश के अनुसार, इन मामलों में शेख हसीना के परिजन और अन्य आरोपी भी दोषी पाए गए।
- भतीजी ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक को कुल 4 साल की कैद (प्रत्येक मामले में 2 साल)
- भतीजे रादवान मुजीब सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक को दोनों मामलों में 7-7 साल की कैद
- सभी को पुर्बाचल (पुरबाचल) स्थित राजुक न्यू टाउन परियोजना में भूखंड आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं का दोषी ठहराया गया।
आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी को 2 साल की सजा
अदालत में आत्मसमर्पण करने वाले एकमात्र आरोपी मोहम्मद खुर्शीद आलम को प्रत्येक मामले में एक-एक साल, यानी कुल 2 साल की कैद की सजा सुनाई गई है।
जुर्माना और अतिरिक्त सजा का प्रावधान
अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख टका (बांग्लादेशी मुद्रा) का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त छह महीने की कैद भुगतने का आदेश दिया गया है।
भारत में शरण लिए हुए हैं शेख हसीना
गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना 5 अगस्त को बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इससे पहले उन्हें अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। ये मामले भ्रष्टाचार विरोधी आयोग द्वारा दर्ज किए गए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 कठा भूखंडों के आवंटन में सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं और राजधानी उन्नयन कर्तृपक्ष (राजुक) के नियमों का उल्लंघन किया गया।




