आश्रम बना जांच का केंद्र: साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में SIT-FSL की बड़ी कार्रवाई
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले की जांच तेज। SIT और FSL की टीम ने आश्रम में जुटाए सबूत, पोस्टमार्टम में जहर की आशंका, FSL रिपोर्ट का इंतजार।

जोधपुर. साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े मामले में जांच तेज कर दी गई है। मामले की गहराई से पड़ताल के लिए गठित SIT पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी हुई है। इसी क्रम में FSL की टीम एक बार फिर साध्वी के आश्रम पहुंची, जहां घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, आश्रम परिसर से अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि साध्वी की मौत की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी की मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है। हालांकि, मेडिकल सूत्रों के अनुसार उनकी छोटी और बड़ी आंत में लाल निशान पाए गए हैं, जो आमतौर पर जहर के प्रभाव की ओर इशारा करते हैं। यदि विषाक्त पदार्थ के सेवन की आशंका सही पाई जाती है, तो इसकी पुष्टि आगे की जांच में हो सकेगी।
आंतरिक अंगों की रासायनिक जांच जारी
साध्वी के फेफड़े, यकृत, गुर्दे और आंत सहित अन्य आंतरिक अंगों की रासायनिक जांच की जा रही है। FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शरीर में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ मौजूद था या नहीं, और यदि था, तो वह किस तरह शरीर में पहुंचा।
अस्थालाइन की बोतलें मिलने से उठे सवाल
जांच के दौरान पुलिस ने आश्रम के बाहर से अस्थालाइन की दो बोतलें भी बरामद की हैं। इसके बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या साध्वी को अस्थमा की कोई समस्या थी। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, अस्थमा के मरीजों को कई बार डेक्सोना इंजेक्शन दिया जाता है, जो एक स्टेरॉयड है और फेफड़ों की सूजन को कम करता है। हालांकि, इसकी अधिक मात्रा खतरनाक भी साबित हो सकती है।
कई एंगल से हो रही जांच
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां जहर, दवा के ओवरडोज और अन्य संभावित कारणों सहित हर एंगल से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि FSL रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।




