ड्रग नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा: दिलावर की बेटी बनी मास्टरमाइंड, पिता की दो शादियां उजागर
रतलाम में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री केस में सांसद से नजदीकी, चुनावी कनेक्शन और परिवार की भूमिका का खुलासा। 10 करोड़ की ड्रग्स, 16 आरोपी, पुलिस रिमांड की तैयारी।

रतलाम. रतलाम जिले में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी दिलावर खान उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर का करीबी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, दिलावर कई बार सांसद के घर मिलने जा चुका है और उनकी पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा है।
जावरा से विधानसभा चुनाव लड़ चुका है दिलावर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिलावर पठान वर्ष 2023 में जावरा विधानसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर की पार्टी आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ चुका है। इससे पहले वह स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक और सामाजिक पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।
बेटी निकली ड्रग फॉर्मूले की मास्टरमाइंड
जांच एजेंसियों के मुताबिक, दिलावर खान की बेटी बखमीना, जो केमेस्ट्री की छात्रा रह चुकी है, एमडी ड्रग बनाने के फॉर्मूले की मास्टरमाइंड है। ड्रग निर्माण से लेकर पूरे अवैध कारोबार में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है। इस नेटवर्क में उसका पति याकूब खान और पिता दिलावर खान भी सक्रिय रूप से शामिल थे।
बताया जा रहा है कि बखमीना राजस्थान के देवलजी क्षेत्र में भी अपने पति के एमडी ड्रग नेटवर्क को संभाल रही थी। उसका पति याकूब खान गुजरात पुलिस का मोस्ट वांटेड फरार आरोपी बताया जा रहा है, जो लंबे समय से अपने ससुराल चिकलाना में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने दबिश के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट में पेशी, पुलिस रिमांड की तैयारी
पुलिस सभी आरोपियों को आज (17 जनवरी) कोर्ट में पेश करेगी और गहन पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग करेगी। जांच का फोकस इस बात पर है कि इस ड्रग नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों और किन प्रभावशाली लोगों तक जुड़े हैं।
गौरतलब है कि पुलिस ने 15 जनवरी की देर रात फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब 11 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
खुद को बचाने के लिए बनाई थी पूरी प्लानिंग
- दो नेम प्लेट, दो पहचानें दिलावर खान ने अपने मकान के बाहर दो अलग-अलग नेम प्लेट लगा रखी थीं। एक में उसने खुद को “जय भीम, जय भारत” लिखते हुए अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज का संभाग अध्यक्ष बताया, जबकि दूसरी नेम प्लेट में उसने खुद को पत्रकार दर्शाया था।
चार एंट्री-एग्जिट और CCTV निगरानी
मकान को इस तरह डिजाइन किया गया था कि उसमें चार अलग-अलग प्रवेश और निकासी रास्ते थे। हर रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
गांव में था खौफ, कार्रवाई के बाद दिखी राहत
ग्रामीणों का कहना है कि दिलावर खान लंबे समय से अनैतिक और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था, लेकिन उसके खौफ के चलते कोई शिकायत करने की हिम्मत नहीं कर सका। पुलिस कार्रवाई के दौरान जब परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया गया, तब गांव में लोगों ने जय-जय श्रीराम के नारे लगाए।
रात ढाई बजे दबिश, महिलाओं ने किया विरोध
पुलिस ने गुरुवार रात करीब ढाई बजे दीवारों पर सीढ़ी लगाकर मकान में प्रवेश किया। इस दौरान घर की महिलाओं ने विरोध किया और पुलिस के साथ झूमाझटकी की स्थिति भी बनी। पुलिस ने दिलावर खान, उसकी पत्नी, बेटे, बहू, नौकर समेत कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया है।
पुलिस वर्दी, आर्मी आईडी और सबूत मिटाने की कोशिश
दबिश के दौरान घर से दो स्टार लगी पुलिस वर्दी और इंडियन आर्मी राइफल से जुड़ा एक आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है। पुलिस यह जांच कर रही है कि ये वर्दी और पहचान पत्र किसके हैं और इन्हें किस उद्देश्य से रखा गया था।
पुलिस के मुताबिक, छापे के समय एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा था। पुलिस को देखकर आरोपियों ने ड्रग पाउडर को लिक्विड में मिलाकर नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन वह लिक्विड भी जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है।
पुराना आपराधिक इतिहास और दबंगई
गांववालों और पुलिस के अनुसार, दिलावर खान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 1985–86 में उस पर एक हत्या का आरोप भी लग चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि वह ब्याज पर पैसे देकर लोगों की जमीनें हड़पता था और पूरे परिवार की गांव में दबंगई थी।
दो शादियां, परिवार भी आरोपी
मुख्य आरोपी दिलावर खान (65) की दो शादियां सामने आई हैं। पहली पत्नी की उम्र करीब 62 साल और दूसरी पत्नी की उम्र 25 साल बताई जा रही है। दूसरी पत्नी से उसका एक साल का बेटा भी है। पुलिस ने जांच के बाद दोनों पत्नियों को भी आरोपी बनाया है।




