छत्तीसगढ़

राजिम कुंभ कल्प 2026 की रूपरेखा तय, संतों से संवाद के बाद तेज हुई तैयारियां

राजिम कुंभ कल्प 2026 में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने त्रिवेणी संगम पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। संतों से भेंट, श्रद्धालुओं से संवाद और हस्तशिल्प व बिहान दीदियों के स्टॉल का भ्रमण किया।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प 2026 के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम तट पहुंचकर विभिन्न अखाड़ों और पीठों से पधारे पूज्य धर्माचार्यों, संतों एवं लाखों श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने कुंभ क्षेत्र की व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

संत समाज ने की आयोजन की सराहना

मंत्री अग्रवाल ने कुंभ स्थल पर विभिन्न अखाड़ों के संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। संतों ने राजिम कुंभ की भव्यता और सुव्यवस्थित आयोजन की प्रशंसा करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा। मंत्री ने श्रद्धालुओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।

‘बिहान’ दीदियों के स्टॉल पर पहुंचे मंत्री

मंत्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान के स्टॉल का भ्रमण किया और स्वयं सहायता समूह की दीदियों से बातचीत की। उन्होंने दीदियों द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ी व्यंजन—चीला, फरा और ठेठरी—का स्वाद लिया और उनकी मेहनत व कौशल की मुक्तकंठ से सराहना की। मंत्री ने कहा कि बिहान दीदियों के प्रयासों से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, बल्कि राजिम कुंभ जैसे वैश्विक आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी उजागर हो रही है।

आदिवासी हस्तशिल्प को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

मंत्री ने बांस और लकड़ी से निर्मित आदिवासी कलाकृतियों के स्टॉल का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार मूर्तियों, शोपीस और उपयोगी वस्तुओं की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा स्वयं खरीदारी भी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजिम कुंभ के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रामवनगमन पथ की प्रतिकृति बनी आकर्षण का केंद्र

मंत्री अग्रवाल ने कुंभ स्थल पर निर्मित रामवनगमन पथ की जीवंत प्रतिकृति का निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के पौराणिक राम वनगमन मार्ग को चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाती यह प्रतिकृति श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंत्री ने इसकी कलात्मकता और सूक्ष्म विवरणों की सराहना की।

सुविधाओं पर विशेष निगरानी

मंत्री ने जल आपूर्ति, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाएं, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि त्रिवेणी संगम पर स्नान हेतु आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर विधायक रोहित साहू, गरियाबंद कलेक्टर बी. एस. उइके, एसडीएम विशाल महाराणा सहित जिला प्रशासन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक

राजिम कुंभ कल्प 2026 आज छत्तीसगढ़ की सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक बन चुका है, जहां लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पावन स्नान कर रहे हैं। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में यह आयोजन धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक और आर्थिक उत्सव के रूप में भी नई पहचान बना रहा है।

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