थैलेसीमिया के खिलाफ बड़ा कदम: निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ आर्थिक सहारा
राजस्थान सरकार थैलीसीमिया मरीजों को मुफ्त बोन मैरो ट्रांसप्लांट, निःशुल्क इलाज और ₹1250 मासिक पेंशन दे रही है। आधार और बायोमेट्रिक नियमों में भी विशेष छूट।

जयपुर. राजस्थान में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ 1250 रुपए की मासिक पेंशन दी जा रही है। विधायक रूपिन्द्र सिंह कुन्नर द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में राज्य सरकार ने चिकित्सा सहायता से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक की व्यवस्थाओं का विस्तृत विवरण सदन में प्रस्तुत किया।
डे-केयर सेंटर में मुफ्त इलाज और जांच
सरकार ने बताया कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में थैलीसीमिया मरीजों के लिए विशेष डे-केयर सेंटर संचालित हैं। यहां बिना रिप्लेसमेंट ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन केलेशन थेरेपी और सभी प्रकार की जांचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर मरीजों को वार्ड में भर्ती करने से लेकर बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी महंगी चिकित्सा सुविधा भी मुफ्त दी जा रही है।
सामाजिक सुरक्षा के तहत मासिक पेंशन
थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को ‘मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना’ के तहत वर्तमान में 1250 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि थैलीसीमिया को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 21 दिव्यांगता श्रेणियों में शामिल किया गया है, जिसके आधार पर बच्चों के UDID कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।
आधार नियमों को लेकर सरकार का स्पष्टीकरण
- सदन में आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर उठे सवालों पर विभाग ने स्थिति साफ की।
- 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का उपचार माता-पिता के आधार कार्ड के आधार पर सुनिश्चित किया जा रहा है।
- छोटे बच्चों का आधार नामांकन ‘हेड ऑफ फैमिली’ (HoF) के सत्यापन से किया जाता है।
बायोमेट्रिक नहीं होने पर भी नहीं रुकेगी पेंशन
सरकार ने विशेष आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि जिन बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी। ऐसे मामलों में पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी आधारित सत्यापन के जरिए आवेदन स्वीकार कर स्वीकृति जारी की जा सकेगी। यह वैकल्पिक व्यवस्था अपवाद स्वरूप लागू की गई है ताकि कोई भी पात्र बच्चा सहायता से वंचित न रहे।




